गुजरात के राजकोट में 7 बार कांपी धरती :2.7 से 3.8 के बीच रही भूकंप की तीव्रता, स्कूल बंद

गुजरात के राजकोट जिले में पिछले 24 घंटे के भीतर भूकंप के 7 झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 2.7 से 3.8 मैग्नीट्यूड रही। जेतपुर, धोराजी और उपलेटा समेत आसपास के इलाकों में लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। हालांकि किसी नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
2.7 से 3.8 के बीच रही भूकंप की तीव्रता, स्कूल बंद
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजकोट। गुजरात के राजकोट जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान लगातार भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के जेतपुर, धोराजी, उपलेटा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में 7 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 2.7 से 3.8 मैग्नीट्यूड के बीच रही। हालांकि, अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन बार-बार आ रहे झटकों से लोगों में बड़े भूकंप का डर बैठ गया है। एहतियातन प्रशासन ने कुछ इलाकों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    कहां था भूकंप का केंद्र, कितनी रही गहराई

    इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) और सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इन सभी भूकंपों का केंद्र उपलेटा से 27 से 30 किलोमीटर दूर पूर्व-उत्तरपूर्व (ENE) दिशा में दर्ज किया गया। भूकंप की गहराई 6.1 किलोमीटर से 13.6 किलोमीटर के बीच रही, जिसकी वजह से झटके हल्के होने के बावजूद लोगों को स्पष्ट रूप से महसूस हुए।

    शुक्रवार सुबह सबसे ज्यादा झटके

    अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह ही 6 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। सबसे तेज झटका सुबह 6:19 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। इसके बाद लगभग हर 15-25 मिनट के अंतराल पर झटके आते रहे। इससे पहले गुरुवार रात 8:43 बजे भी 3.3 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था।

    भूकंप की पूरी टाइमलाइन (24 घंटे में 7 झटके)

    समय और तारीख

    तीव्रता (मैग्नीट्यूड)

    8 जनवरी, रात 8:43 बजे

    3.3

    9 जनवरी, सुबह 6:19 बजे

    3.8 (सबसे तेज)

    सुबह 6:56 बजे

    2.9

    सुबह 6:58 बजे

    3.2

    सुबह 7:10 बजे

    2.9

    सुबह 7:13 बजे

    2.9

    सुबह 7:33 बजे

    2.7

    कुछ रिपोर्ट्स में 8:34 बजे हल्के झटके का भी जिक्र है, लेकिन आधिकारिक तौर पर 7 झटकों की पुष्टि की गई है।

    डर के कारण घरों से बाहर निकले लोग

    लगातार झटकों की वजह से जेतपुर, धोराजी, उपलेटा पंथक और आसपास के गांवों में लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों और खेतों में पहुंच गए। कई लोगों ने रात खुले में बिताई। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

    विशेषज्ञों का क्या कहना है?

    गांधीनगर स्थित सिस्मोलॉजी केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि, 4 मैग्नीट्यूड से कम तीव्रता वाले भूकंप सामान्य तौर पर खतरनाक नहीं माने जाते, लेकिन कम समय में बार-बार झटके आना असामान्य जरूर है। विशेषज्ञों के मुताबिक, राजकोट क्षेत्र में कोई बड़ी सक्रिय फॉल्ट लाइन ज्ञात नहीं है। हालांकि, भारी मानसून के बाद भूमिगत हलचल के कारण ऐसी गतिविधियां देखी जाती हैं। पूरे मामले की वैज्ञानिक जांच जारी है।

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    स्कूलों में छुट्टी, प्रशासन सतर्क

    स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।

    BIS की चेतावनी- खतरे में भारत की 75% आबादी

    भारत सरकार की संस्था ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने जनवरी 2025 में नया भूकंप डेंजर मैप जारी किया था। इसके अनुसार-

    • भारत की 75% आबादी भूकंपीय रूप से खतरनाक क्षेत्रों में रहती है।
    • देश के 61% इलाके मध्यम से उच्च जोखिम वाले जोन में आ चुके हैं।
    • पूरा हिमालय क्षेत्र अल्ट्रा-हाई रिस्क जोन (जोन VI) में शामिल।
    • इंडियन और यूरेशियन प्लेट्स पिछले 200 साल से लॉक हैं।
    • लॉक टूटने पर 8 या उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आ सकता है।

    क्या बड़ा भूकंप आने का खतरा है?

    फिलहाल वैज्ञानिकों का कहना है कि राजकोट में आए झटके छोटे हैं और सीधे तौर पर बड़े भूकंप का संकेत नहीं माने जा सकते, लेकिन लगातार झटकों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता। इसलिए प्रशासन और वैज्ञानिक दोनों ही स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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