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MP SCHOOL:एडमिशन के लिए मिला एक और मौका, RTE की 25 अप्रैल तक बढ़ी तारीख

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में चयनित बच्चों के अभिभावकों को राहत देते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने प्रवेश की अंतिम तारीख 15 अप्रैल से बढ़ाकर 25 अप्रैल कर दी है। इससे परिजनों को 10 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा, ताकि कोई भी बच्चा एडमिशन से वंचित न रहे और समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो सके।
एडमिशन के लिए मिला एक और मौका, RTE की 25 अप्रैल तक बढ़ी तारीख
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी RTE के तहत निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश का इंतजार कर रहे अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रथम चरण में आवंटित स्कूलों में प्रवेश लेने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। पहले यह तारीख 15 अप्रैल 2026 तय की गई थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 25 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जो किसी कारणवश तय समय सीमा के भीतर अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा पाए थे। राज्य सरकार ने यह निर्णय अभिभावकों की मांग और विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया है।

    अब 25 अप्रैल तक होगा प्रवेश

    राज्य शासन की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार RTE के तहत प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित बच्चों के अभिभावक अब 25 अप्रैल तक संबंधित निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। पहले यह समय सीमा 15 अप्रैल तक निर्धारित थी। अब तारीख बढ़ने से ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी  जो किसी वजह से निर्धारित समय में स्कूल नहीं पहुंच सके थे। सरकार का उद्देश्य यह है कि कोई भी बच्चा केवल समय सीमा की वजह से प्रवेश से वंचित न रह जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।

    अभिभावकों की मांग पर लिया गया फैसला

    राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कई अभिभावकों की ओर से प्रवेश तिथि बढ़ाने का अनुरोध प्राप्त हुआ था। कुछ परिवारों ने बताया कि वे निजी कारणों से अपने बच्चों का एडमिशन तय समय में नहीं करा सके। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विद्यार्थियों के हित में अंतिम तारीख को 15 अप्रैल से बढ़ाकर 25 अप्रैल कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आरटीई के तहत चयनित हर बच्चे को स्कूल में प्रवेश मिल सके। इसी कारण 10 दिन का समय दिया है।

    2 अप्रैल को हुई थी ऑनलाइन लॉटरी

    RTE प्रवेश प्रक्रिया के तहत 2 अप्रैल को ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई थी। इस लॉटरी में चयनित बच्चों को निजी स्कूल आवंटित किए गए थे। इसके बाद अभिभावकों को निर्देश दिए गए थे कि वे 3 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच अपने बच्चों का प्रवेश संबंधित स्कूल में करा दें। इस संबंध में अभिभावकों को SMS के माध्यम से भी सूचना भेजी गई थी  ताकि उन्हें आवंटित स्कूल और प्रवेश की अंतिम तारीख की जानकारी मिल सके। अधिकांश परिवारों ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली थी लेकिन कुछ विद्यार्थी अब भी प्रवेश नहीं ले पाए थे। ऐसे बच्चों के लिए अब सरकार ने समय दिया है।

    किसी बच्चे का प्रवेश रुके नहीं, सरकार सख्त

    राज्य शिक्षा केंद्र ने इस मामले में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी बच्चा प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए। यदि किसी अभिभावक की तरफ से यह शिकायत मिलती है कि आवंटित निजी स्कूल उनके बच्चे को प्रवेश देने से मना कर रहा है  तो स्कूल के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में BRC और DPC अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी शिकायत मिलते ही तुरंत संज्ञान लें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी देखा जाए कि संबंधित बच्चे को समय पर प्रवेश मिल जाए। सरकार ने साफ किया है कि आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने से इनकार करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    अभिभावकों के लिए राहत भरा फैसला

    सरकार के इस फैसले को अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। कई परिवार ऐसे होते हैं जो दस्तावेजों की कमी,  यात्रा, पारिवारिक कारणों या अन्य जरूरी परिस्थितियों के चलते समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। ऐसे में 10 दिन का समय उन्हें पूरी प्रक्रिया आराम से पूरी करने का अवसर देगा। विशेष रूप से ग्रामीण और दूर क्षेत्रों के परिवारों के लिए यह फैसला काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार सूचना मिलने और दस्तावेज तैयार करने में अधिक समय लग जाता है।

    आरटीई के तहत बच्चों को मिलता है निःशुल्क प्रवेश

    शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश दिया जाता है। इसका उद्देश्य यह है कि हर बच्चे को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। मध्य प्रदेश सरकार हर साल इस योजना के तहत बड़ी संख्या में बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाती है। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से स्कूलों का आवंटन किया जाता है, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।

    25 अप्रैल से पहले पूरी करें प्रक्रिया

    सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे 25 अप्रैल से पहले अपने बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर लें। सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवंटित स्कूल में जाकर प्रवेश लेना जरूरी होगा। यह अतिरिक्त समय उन परिवारों के लिए एक अवसर है जो पहले किसी कारण से पीछे रह गए थे। अब सरकार का प्रयास है कि हर चयनित विद्यार्थी समय पर स्कूल पहुंच सके और उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

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