फ्रेंचाइज़ी दिलाने का झांसा:महिला से ऐंठे 1.20 करोड़, दिल्ली से संचालित गिरोह का भंडाफोड़

इंदौर। क्राइम ब्रांच इंदौर ने करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वेलनेस सेंटर की फ्रेंचाइज़ी दिलाने के नाम पर 1 करोड़ 20 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के दो प्रमुख डायरेक्टरों को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। मामले में दो डॉक्टर सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने नई दिल्ली में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
क्राइम ब्रांच थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 77/26 के अनुसार, आवेदिका रितु मेहता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नई दिल्ली स्थित "डॉ. हरोर्स एस्थेटिक प्राइवेट लिमिटेड" कंपनी के संचालकों ने वेलनेस सेंटर खोलने की फ्रेंचाइज़ी देने का झांसा देकर उनसे कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपए की राशि प्राप्त कर ली, लेकिन न तो वादा पूरा किया और न ही रकम वापस लौटाई।
और पढ़ें: PMAY-U 2.0 का बड़ा असर... कम EMI, आसान लोन से पूरा होगा EWS, LIG और MIG परिवारों का सपना
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर एक विशेष टीम नई दिल्ली भेजी गई। वहां आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर घेराबंदी की गई और कंपनी के दो प्रमुख संचालकों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में 48 वर्षीय देबदुलाल बनर्जी निवासी सुपरटेक केपटाउन, सेक्टर-74, नोएडा (उत्तर प्रदेश) तथा 39 वर्षीय राहुल सावेल निवासी नवादा, उत्तम नगर, नई दिल्ली शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कंपनी बनाकर वेलनेस और एस्थेटिक सेंटर की फ्रेंचाइज़ी देने का बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निवेश और व्यवसाय के आकर्षक प्रस्ताव देकर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। इसके बाद बड़ी रकम लेकर उन्हें धोखा दिया जाता था। क्राइम ब्रांच अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, फरार डॉक्टरों तथा संभावित अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।












