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बिजावर में स्वास्थ विभाग की घोर लापरवाही ने छीनी जिंदगी ! 5 किमी की दूरी तय करने में एंबुलेंस को लगे 30 मिनट

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना दर्शाती है कि बिजावर में स्वास्थ्य सेवाएं कितनी खस्ताहाल हैं, जहां महज 5 किलोमीटर की दूरी पर भी समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। 
5 किमी की दूरी तय करने में एंबुलेंस को लगे 30 मिनट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बिजावर। छतरपुर जिले के बिजावर में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही और एक साल से ठप पड़ी एंबुलेंस सेवा ने रविवार शाम एक युवक की जान ले ली। किशनगढ़ क्षेत्र के कदवारा निवासी पप्पू यादव (32 वर्ष) अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, तभी बिजावर-किशनगढ़ मार्ग पर शंकरपुरवा के पास उनकी बाइक सड़क हादसे का शिकार हो गई।

    5 किलोमीटर की दूरी, आधे घंटे तक नहीं पहुंची मदद 

    दुर्घटनास्थल बिजावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एंबुलेंस पॉइंट से महज 5 किलोमीटर दूर था, लेकिन सहायता पहुंचने में आधे घंटे से भी अधिक का समय लग गया। राहगीरों ने तत्काल डायल 112 और एंबुलेंस सेवा 108 पर कॉल किया, लेकिन बिजावर में एंबुलेंस सेवा ठप होने के कारण मदद नहीं पहुंची।

    डीएसपी हर्ष राठौर के निर्देश पर कार्रवाई

    जब स्थानीय लोगों ने प्रोबेशनर डीएसपी हर्ष राठौर को फोन किया, तब उनके तत्काल निर्देश पर 5 मिनट में मदद घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, जब घायल पप्पू यादव को अस्पताल लाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    एंबुलेंस अधिकारी पर लापरवाही का आरोप

    स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस अधिकारी के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि बिजावर में एंबुलेंस सेवा एक साल से भी अधिक समय से ठप पड़ी है, और अधिकारी इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं।जनता ने लगाए आरोप

    "एंबुलेंस अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पर पूरी तरह उदासीन हैं। बीच-बीच में केवल दो-चार दिन के लिए एंबुलेंस यहां आती है और फिर खराब होने का बहाना कर गायब हो जाती है। उनकी इसी लापरवाही ने आज एक युवक की जान ले ली," एक वहीं स्थानीय व्यक्ति का कहना है कि यह घटना दर्शाती है कि बिजावर में स्वास्थ्य सेवाएं कितनी खस्ताहाल हैं, जहां महज 5 किलोमीटर की दूरी पर भी समय पर जीवनरक्षक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। 

    दूसरी ओर बीएमओ महेश त्रिवेदी का कहना है की एंबुलेंस टाइम से मिलना मुश्किल हैँ एंबुलेंस की कमी है ब्लॉक एरिया बड़ा है कई बार मैंने मीटिंग में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत भी कराया है।

    इनपुट- (रवि बरसाइयां)

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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