कंगना रनौत के बयान ने राहुल गांधी के संसदीय व्यवहार को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, बता दें कि कंगना रनौत ने पहले भी इस प्रकार के बयान दिए हैं।
बुधवार (18 मार्च 2026) को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल का सार्वजनिक व्यवहार गंभीर नेता जैसा नहीं लगता। कंगना के मुताबिक, वह अक्सर ‘टपोरी’ अंदाज में आते हैं और लोगों से ‘तू-तड़ाक’ में बात करते हैं। इसी के साथ कंगना ने यह भी कहा कि जब कोई इंटरव्यू दे रहा होता है तो राहुल गांधी बीच में टिप्पणी या हूटिंग जैसे इशारे करते नजर आते हैं, जिससे माहौल असहज हो जाता है।
कंगना रनौत ने दावा किया कि राहुल गांधी का व्यवहार कई बार महिलाओं को भी असहज कर देता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को अपने आचरण और भाषा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। राहुल गांधी को अपनी बहन प्रियंका गांधी वॉड्रा से सीख लेनी चाहिए, जिनका व्यवहार उनसे ज्यादा संतुलित और शालीन लगता है।
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यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब 12 मार्च को संसद के मकर प्रवेश द्वार पर राहुल गांधी को विरोध प्रदर्शन के दौरान सहयोगियों के साथ चाय-बिस्किट लेते देखा गया। इस घटना के बाद कई पूर्व नौकरशाहों और पूर्व सैनिकों ने एक खुला पत्र लिखकर उनसे माफी की मांग की। पूर्व जम्मू-कश्मीर डीजीपी एसपी वैद समेत कई हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए अधिक जिम्मेदार व्यवहार अपेक्षित है।