ट्रक ड्राइवरी का ऐसा शौक...ड्राइवर का काम मांगने गया, कम उम्र देख मना किया तो रात में डंपर ले उड़ा नाबालिग

भोपाल। संभवत: यह दुनिया का पहला मामला होगा, जिसमें ट्रक चलाने के शौक में कोई चोर बन गया हो। रेल पुलिस भोपाल ने ऐसे ही एक नाबालिग चोर को मय डंपर के पकड़ा है, जिसको ड्राइवर का काम मांगने पर डंपर मालिक ने नाकाबिल और कम उम्र देखकर मना कर दिया था। इस पर अपनी काबिलियत साबित करने रात में डंपर ले गया और भोपाल में यहां-वहां घुमाने के बाद अपने घर के पास ही खड़ा करके उसी में सो गया था।
समदड़िया माल की साइड से रात में चोरी हो गया डंपर
दरअसल परिश्चमी रेलवे कॉलोनी में निर्माणाधीन समदड़िया माल की साइट से 15 मार्च की मध्यरात्रि को एक डंपर चोरी होने की रिपोर्ट डंपर मालिक मिराज खान पिता इमामुल्लाह खान, निवासी करोंद भोपाल ने जीआरपी थाना में की। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए गंभीर अपराध होने से जीआरपी थाने की दो टीम गठित कर घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटाया गया। इसी बीच मुखबिर तंत्र से भी सुराग मिला, जिसके बाद जेपी नगर कार्बाइड फैक्ट्री के पास चोरी गया डंपर ट्रक खड़े होने की पुख्ता सूचना पर घेराबंदी की गई। वहां खडे डंपर में एक किशोर आराम से सो रहा था, जिसके साथ ही डंपर को थाने लाकर पूछताछ की गई। इसमें जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक जहीर खान, उपनिरीक्षक मिथलेश भरद्वाज, प्रधान आरक्षक राजेश शर्मा, अनिल सिंह, आरक्षक सचिन जाट, बृजेश कारपेंटर की सराहनीय भूमिका रही।जब ड्राइवरी से मना किया तो डंपर ले आया
नाबालिक ने पूछताछ में खुलासा किया एक दिन पहले ही ट्रक मालिक से डंपर की ड्राइवरी का काम मांगने गया था, लेकिन उसकी कम उम्र और पढ़ा-लिखा नहीं होने के साथ ही कम काबिल होना बताकर मना कर दिया था। यह बात उसके दिल में चुभ गई और उसने रात में डंपर को चेक किया तो चाबी लगी थी। इसके बाद अपनी काबिलियत दिखाने के लिए डंपर को चलाकर ले गया भीड़भरी सड़कों पर चलाने के बाद और अपने घर के पास ही खड़ा कर उसी में सो गया था। जहां से पुलिस ने उसको पकड़ा।
बचपन से ही ट्रक ड्राइवर बनने का है सपना
जीआरपी के अनुसार नाबालिक किशोर को ड्राइवरी का बचपन से ही बेहद शौक है, जिसके चलते वह ट्रकों में क्लीनरी करने लगा था। इसी दौरान ट्रक चलाना सीख लिया और ट्रक ड्राइवर की नौकरी ढूंढने लगा। इसी के चलते उसने डंपर मालिक मिराज खान पिता इमामुल्लाइ खान निवासीं करोंद से उनके डंपर में ड्राइवर की नौकरी मांगी थी। हालांकि पढ़ा-लिखा नहीं होने और उसकी कम उम्र देखकर मना कर दिया गया और कहा गया कि उसकी काबिलियत अभी बडेÞ डंपर को चलाने की नहीं है। इससे नाबालिक आहत हो गया था।
नाबालिग को बाल न्यायालय में पेश करके परिजन के सुपुर्द किया
नाबालिग को ट्रक चलाने का शौक है, जिसके चलते क्लीनरी करके सीखा और फिर काम मांगने गया था। मना करने पर डंपर ले गया, जिसको बरामद किया गया है। वहीं नाबालिग को बाल न्यायालय में पेश करके परिजन के सुपुर्द करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।
-राहुल लोढा, पुलिस अधीक्षक, रेल, भोपाल












