
इंदौर -- मंगलवार को कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में मंगलवार को हल्दी और गले में माला पहनकर पहुंचा दूल्हा जब खुद को पीड़ित बताकर प्रशासन के सामने फरियाद लेकर आया, तो मामला भावनात्मक जरूर लगा, लेकिन जांच में उसकी पूरी कहानी फर्जी और साजिशी निकली। ग्राम अम्बामोलिया निवासी उमेश गंगोलिया ने घर के सामने नाले और गंदगी की समस्या बताकर प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाई, लेकिन जैसे ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, दूल्हे का “पीड़ित” वाला मुखौटा उतर गया और असली खेल सामने आ गया।
खुद अवैध कब्जा कर रखा
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम प्रियंका चौरसिया टीम के साथ गांव पहुंचीं और मौके पर जांच की। जांच में साफ हुआ कि जिस नाले को लेकर दूल्हा हल्ला मचा रहा था, उसी पर उसने खुद अवैध कब्जा कर रखा था। इतना ही नहीं, यह भी सामने आया कि वह कुछ लोगों के बहकावे में आकर शादी और शिकायत की आड़ में सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने की फिराक में था।

जांच के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को बुलडोजर कार्रवाई शुरू की और उमेश के अतिक्रमण के साथ-साथ नाले पर बने 12 से ज्यादा अन्य अवैध कब्जों को भी जमींदोज कर दिया। यह वही अतिक्रमण थे, जिनकी वजह से बारिश के दौरान गांव में पानी भर जाता था और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन का खुलकर समर्थन किया और राहत की सांस ली।
दोनों दिशाओं में रास्ता मौजूद
एसडीएम चौरसिया ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता के मकान के उत्तर और दक्षिण दोनों दिशाओं में रास्ता मौजूद है और जिस 9 फीट के नाले की बात की जा रही थी, वह गांव और खेतों का पानी निकालने का मुख्य मार्ग है, जो आगे आशामती नदी में जाकर मिलता है। इसके बावजूद उसी नाले पर कब्जा कर शिकायत करना दूल्हे की सोची-समझी चाल थी। इस पूरे मामले ने न सिर्फ एक फर्जी शिकायत का पर्दाफाश किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कैसे कुछ लोग प्रशासन को गुमराह कर सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश करते हैं।