ग्वालियर:तिघरा डैम में डूबे दो MBBS छात्र, 20 घंटे सर्चिंग ऑपरेशन के बाद मिला दूसरा शव; पिकनिक मनाने गए थे

ग्वालियर। आठ छात्र-छात्राओं का एक समूह तिघरा डैम घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दो छात्र पानी में उतर गए और संतुलन बिगड़ने से गहराई में चले गए। प्रशासन, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों के शव बरामद किए।
दोस्तों के साथ तिघरा डैम पहुंचे थे छात्र
शनिवार शाम गजराराजा मेडिकल कॉलेज के चार छात्र और चार छात्राओं का समूह तिघरा डैम पहुंचा था। सभी छात्र बोट क्लब से दूर कच्ची पार क्षेत्र की ओर चले गए। यह इलाका सामान्य लोगों की आवाजाही के लिए प्रतिबंधित माना जाता है।
पानी में उतरते ही फिसला पैर
शाम करीब सात बजे आयुष श्रीवास्तव और गोपाल अग्रवाल पानी के किनारे पहुंचे और डैम में उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पथरीले हिस्से पर उनका संतुलन बिगड़ गया। पैर फिसलते ही दोनों सीधे गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते लापता हो गए। साथियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
4 छात्र 4 छात्राएं तिघरा डैम पहुंची थीं
काफी देर तक दोनों के वापस नहीं लौटने पर दोस्तों ने तलाश शुरू की। डैम किनारे उनके कपड़े और जूते व्यवस्थित रखे मिले, जिससे किसी अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद रेस्क्यू शुरू किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में मिले दोनों शव
बचाव दल ने देर रात गोपाल अग्रवाल का शव पानी से बाहर निकाल लिया। वहीं दूसरे छात्र आयुष श्रीवास्तव की तलाश अगले दिन भी जारी रही। रविवार दोपहर उनका शव करीब 50 फीट गहराई में पत्थरों और झाड़ियों के बीच फंसा हुआ मिला। दोनों शव मिलने के बाद परिजनों और साथियों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गोपाल अग्रवाल ने पहली बार में क्रैक किया था नीट एग्जाम
बता दें कि गोपाल अग्रवाल सागर जिले के बीना के निवासी थे और वर्ष 2024 में नीट परीक्षा पास कर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। परिवार को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं और वे डॉक्टर बनकर घर की जिम्मेदारियां संभालना चाहते थे। वहीं आयुष श्रीवास्तव बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले थे।












