
कटनी/भोपाल। मध्य प्रदेश के कटनी से पुलिस द्वारा एक दलित महिला और नाबालिग की पिटाई का वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो में देखा जा रहा है कि जीआरपी पुलिस महिला और लड़के को बुरी तरह डंडे से पीट रही है। वहीं कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ये वीडियो साझा करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर हमलावर है।
क्या है मामला?
कटनी जीआरपी का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें झर्रा टिकुरिया निवासी एक अधेड़ महिला और उसके नाबालिग नाती को कटनी जीआरपी टीआई अरुणा वाहने एवं स्टाफ बेरहमी से पीटता हुआ दिख रहा है। जब मैडम थक गईं, तब उन्होंने स्टाफ से दोनों को लाठियों से पिटवाया। हालांकि वीडियो पुराना बताया जा रहा है जो अब वायरल हुआ है। वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें…
एएसपी को सौंपा घटना की जांच का जिम्मा
इस मामले पर कटनी जीआरपी टीआई अरुणा वाहने कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। वहीं कटनी एसपी अभिजीत रंजन ने कहा कि वीडिया पुराना है। इसकी जांच एएसपी संतोष डेहरिया को सौंपी गई है। बीते वर्ष चोरी के आरोप में फरार दीपक वंशकार पर 10 हजार का इनाम रखा था। संभवत: इसी के चलते परिजनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। एसपी रेलवे को जानकारी दे दी गई है। वहीं एसपी रेलवे जबलपुर के अनुसार वीडियो अक्टूबर 2023 का होना पाया गया है। जिस निगरानीशुदा बदमाश के परिजन इस वीडियो में हैं उस पर 19 मामले दर्ज हैं। दोषी थाना प्रभारी को हटा जांच एएसपी रेल को सौंपी गई है।
टीआई लाइन अटैच, जांच शुरू
इस मामले में रेल डीआईजी मोनिका शुक्ला ने बताया कि वीडियो अक्टूबर 2023 का है, जिस पर संज्ञान लेकर टीआई को तत्काल लाइन अटैच कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच डीएसपी को सौंपी गई है।
रक्षक ही भक्षक बनते जा रहे हैं : कमलनाथ
पूर्व सीएम कमलनाथ ने इस मामले की निंदा करते हुए X पर लिखा, ”मध्य प्रदेश के कटनी में जीआरपी पुलिस द्वारा एक दलित बच्चे और महिला को बेरहमी से पीटने की घटना बताती है कि मध्य प्रदेश में दलितों का जीवन सुरक्षित नहीं है। रक्षक ही उनके भक्षक बनते जा रहे हैं। सीएम साहब! कब रुकेगा दलितों पर अत्याचार।
दलित भयावह जीवन जीने को मजबूर : पटवारी
जीतू पटवारी ने एक्स हैंडल पर लिखा, “कटनी की वीभत्स घटना से पूरा मध्य प्रदेश स्तब्ध है। एक दलित मां- बेटे को भाजपा के वर्दी वाले गुंडों ने बंद कमरे में लाठी से पीट-पीट कर अर्धमृत कर दिया है। भाजपा के कुशासन में मध्य प्रदेश के दलित भयावह जीवन जीने को मजबूर हैं। अगर मुख्यमंत्री अपने प्रदेश के लोगों की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उन्हे तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।”
पाटवारी ने आगे कहा- “सागर, सतना, नरसिंहपुर, अशोकनगर और अब कटनी की घटना लगातार मोहन यादव की क्षमता और नियत पर सवाल खड़े करती है। क्या हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री किसी भी दलित परिवार को सुरक्षा दे सकते हैं? मैं और पूरी कांग्रेस पार्टी इस असहनीय दुख और दर्द में पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और इन्हें न्याय और सुरक्षा दिलाने के लिए हर लड़ाई लड़ने का आश्वासन देते हैं।”