राज्यपालों की नियुक्ति को लेकर सरगर्मी बढ़ी, 6 राज्यों में बदलाव के आसार

देश के 6 राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति को लेकर हलचल बढ़ गई है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक सहित कई राज्यों में जल्द बदलाव के संकेत हैं।
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राज्यपालों की नियुक्ति को लेकर सरगर्मी बढ़ी, 6 राज्यों में बदलाव के आसार

राजीव सोनी,भोपाल। देश में राज्यपालों की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच करीब आधा दर्जन राज्यों में राज्यपालों के बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, उत्तराखंड और तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल बताए जा रहे हैं।

कई राज्यों में कार्यकाल पूरा होने के करीब

सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत जुलाई में अपने कार्यकाल के 5 साल पूरे कर लेंगे। हालांकि संविधान में राज्यपाल के कार्यकाल की कोई तय सीमा नहीं है और यह पूरी तरह राष्ट्रपति का विशेषाधिकार होता है। वहीं गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के कार्यकाल को जुलाई में करीब 7 साल पूरे हो जाएंगे।

तमिलनाडु में फिलहाल अतिरिक्त प्रभार

तमिलनाडु एकमात्र ऐसा राज्य बताया जा रहा है जहां अभी पूर्णकालिक राज्यपाल नियुक्त नहीं हैं। वहां केरल के राज्यपाल के पास अतिरिक्त प्रभार है। यह स्थिति भी संभावित बदलाव की चर्चाओं को और मजबूत कर रही है।

आधा दर्जन राज्यों में फेरबदल की संभावना

माना जा रहा है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और उत्तराखंड सहित करीब 5 से 6 राज्यों में राज्यपालों की नई नियुक्तियां हो सकती हैं। हाल ही में मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और नागालैंड समेत कई राज्यों में राज्यपालों की नियुक्तियां की थीं जिसके बाद अब एक और बड़ा फेरबदल संभव माना जा रहा है।

आचार्य देवव्रत सबसे वरिष्ठ राज्यपालों में शामिल

वर्तमान में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और उत्तर प्रदेश की आनंदी बेन पटेल लंबे समय से अपने पद पर बने हुए हैं। आचार्य देवव्रत इससे पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं और उन्हें देश के वरिष्ठ राज्यपालों में गिना जाता है।

कर्नाटक में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता थावरचंद गहलोत 11 जुलाई 2021 से राज्यपाल के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

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राज्यपाल कार्यकाल का कोई तय नियम नहीं

संविधान के अनुसार राज्यपाल का कार्यकाल निश्चित नहीं होता और यह पूरी तरह राष्ट्रपति के निर्णय पर निर्भर करता है। ऐसे में किसी भी समय नियुक्ति या बदलाव संभव होता है।

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लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड

देश में राज्यपाल पद पर सबसे लंबा कार्यकाल एमएम जैकब का रहा है जो मेघालय में जून 1995 से अप्रैल 2007 तक करीब 11 साल 293 दिन इस पद पर रहे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में पद्मजा नायडू और हरियाणा में वीएन चक्रवर्ती भी लंबे समय तक राज्यपाल रहे हैं।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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