सिवनी मालवा: अल्ताफ शाह की मौत के बाद चक्काजाम पड़ा भारी, 54 नामजद लोगों पर FIR

सिवनी मालवा के अल्ताफ शाह की 16 अगस्त को खंडवा में इलाज के दौरान मौत के बाद शव सिवनी मालवा लाया गया था। शव आने के बाद गांधी चौक पर लोगों ने चक्काजाम कर दिया। इस मामले में अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 54 नामजद लोगों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि चक्काजाम की वजह से मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले में पुलिस ने वीडियो फुटेज और मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर लोगों की पहचान की है।
मौत को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे परिजन
पुलिस के मुताबिक, अल्ताफ शाह के परिजन और मोहल्ले के कुछ लोग पहले सिवनी मालवा थाने पहुंचे थे। उन्होंने अल्ताफ की मौत को फरवरी में हुई मारपीट की घटना से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उन्हें बताया कि मारपीट को लेकर करीब छह महीने पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है और नियमानुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, पीएम रिपोर्ट में अगर पुरानी चोटों से मौत की पुष्टि होती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांधी चौक पर बैठकर किया चक्काजाम
पुलिस के अनुसार, समझाइश के बावजूद जब अल्ताफ का शव सिवनी मालवा लाया गया तो परिजन और मोहल्ले के लोग गांधी चौक के व्यस्त मार्ग पर बैठ गए। इसके कारण मुख्य सड़क पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सिवनी, हरदा और नर्मदापुरम की ओर जाने वाले मार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर सिवनी मालवा, शिवपुर और डोलरिया थानों के साथ पुलिस लाइन से भी बल मौके पर पहुंचा।
पुलिस अधिकारियों ने समझाकर रास्ता खोलने की अपील की
मौके पर एसडीओपी, थाना प्रभारी और तहसीलदार समेत पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने उन्हें समझाइश देते हुए सड़क खाली करने और यातायात बहाल करने की अपील की। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन इसके बावजूद नारेबाजी करते हुए चक्काजाम जारी रखा गया।
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वीडियो फुटेज से हुई लोगों की पहचान
पुलिस ने मौके के वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चक्काजाम में शामिल लोगों की पहचान की। पुलिस के अनुसार, कुल 54 नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में लोकशांति और कानून व्यवस्था प्रभावित करने, मुख्य मार्ग अवरुद्ध करने और आम लोगों को परेशानी में डालने के आरोप लगाए गए हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
थाना प्रभारी सुधाकर बारसकर के अनुसार, लंबे समय तक मुख्य मार्ग पर चक्काजाम रहने से आम नागरिकों, राहगीरों और मरीजों को आवागमन में परेशानी हुई। इससे क्षेत्र की कानून व्यवस्था और लोकशांति भी प्रभावित हुई। पुलिस ने मामले में धारा 126(2), 190 और 285 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
54 नामजद लोगों के खिलाफ केस
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मामले में छोटू बाबा, आदिल गोरी, अल्ताफ गोरी, इरसाद गोरी, अबू बकर गोरी, आसिफ बान, आसिफ मोटा, आमीन शाह, उमर मंसूरी, इम्तियाज शाह, इस्तियाक शाह, सैयद अबरार, अदनान खान, हामिद लाला, अन्नू शाह, फरीद शाह, हारून खान, शेख सलमान, अख्तर, मुस्ताक शाह, अरशद मंसूरी, अरमान खान, शेख राजा, राजा खान, सद्दाम खान, मोनू मंसूरी, अनश शाह, सलमान शाह, साहिल खान, सोहेल खान, युसूफ पठान, अल्तेश शाह, शेख हसन, ईशान खान, फरहाज, इकराम अली, रसीद, नितु, इमरान शाह, इमरान उर्फ थुता, अमन शाह, राजा शाह, दानिश खान, शारिख, शेख सुलेमान, शेख हासिम, शेख हारून, अरबाज, अदनान हामिद, शेख आफताब, साहिल खान, रफीक, झब्बू और फरहान समेत कुल 54 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, अन्य लोगों की पहचान के लिए भी वीडियो और फुटेज खंगाले जा रहे हैं।












