Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

रांची में छात्रों का आंदोलन 2 महीने के लिए स्थगित, CBI जांच पर 60 दिन का अल्टीमेटम

रांची में 25 जुलाई से चल रहा छात्रों का आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित हो गया है। छात्रों ने झारखंड सरकार को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांग है कि परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच शुरू हो। JSSC CGL रद्द होने के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने भी विरोध मार्च निकाला।
रांची में छात्रों का आंदोलन 2 महीने के लिए स्थगित, CBI जांच पर 60 दिन का अल्टीमेटम
रांची में छात्रों का आंदोलन 2 महीने के लिए स्थगित

रांची के जेपीएससी स्टेडियम में 25 जुलाई से चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। आंदोलनकारी छात्रों ने झारखंड सरकार को 60 दिन का समय दिया है। छात्रों का कहना है कि इस दौरान अगर परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की CBI जांच शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे।

60 दिन का अल्टीमेटम, CBI जांच की मांग

सरकार की ओर से परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई किए जाने के बाद छात्रों ने फिलहाल आंदोलन रोकने का फैसला लिया है। हालांकि, छात्रों की सबसे बड़ी मांग अभी भी CBI जांच है। छात्रों ने सरकार को 60 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि अगर इस अवधि में CBI जांच शुरू नहीं हुई तो वे फिर सड़कों पर उतरेंगे और आंदोलन को दोबारा शुरू किया जाएगा।

22 परीक्षाएं रद्द, 6 की प्रक्रिया स्थगित

झारखंड सरकार ने CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 22 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके अलावा 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित किया गया है। वहीं, 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच की जाएगी। सरकार की इस कार्रवाई के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन रोक दिया है, लेकिन वे CBI जांच की मांग पर कायम हैं।

Student Protest

JSSC CGL रद्द होने के खिलाफ सड़क पर उतरे चयनित अभ्यर्थी

इधर, मंगलवार 18 अगस्त की रात JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ सफल और नवनियुक्त अभ्यर्थियों ने भी प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा रद्द करने के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की। उनका कहना था कि उन्होंने कई वर्षों की मेहनत और अपनी योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की है। ऐसे में पूरी परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियां रद्द करना उनके साथ अन्याय है।

'दोषियों पर कार्रवाई हो, पूरी परीक्षा रद्द नहीं'

अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन कुछ लोगों की कथित अनियमितता की वजह से पूरी परीक्षा रद्द करना उचित नहीं है। 

विरोध मार्च के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने 'न्याय दो या फांसी दो' जैसे नारे लगाए। अब छात्रों के आंदोलन पर अगले 60 दिनों तक सरकार की कार्रवाई पर नजर रहेगी। अगर इस दौरान CBI जांच शुरू नहीं होती है तो छात्र दोबारा आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

Latest Posts