गोरखपुर MLC चुनाव की काउंटिंग में हंगामा, बैलेट बॉक्स की टूटी मिली सील; निर्दलीय प्रत्याशी ने की शिकायत

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में MLC चुनाव की मतगणना के दौरान बैलेट बॉक्स की सील टूटी मिलने से हंगामा हो गया। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की काउंटिंग के बीच देवरिया जिले के बनकटा क्षेत्र से जुड़े एक बैलेट बॉक्स की सील टूटी हुई मिली। मामला सामने आने के बाद मतगणना केंद्र पर हलचल बढ़ गई। निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है।
स्ट्रांग रूम से निकले बैलेट बॉक्स की सील नहीं थी
मतगणना के दौरान बैलेट बॉक्स की सील टूटी मिलने का मामला सामने आया। इसके बाद संबंधित बॉक्स को अलग रख दिया गया। निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह ने बताया कि स्ट्रांग रूम से निकले एक बैलेट बॉक्स में सील नहीं थी। उन्होंने इस मामले में आपत्ति दर्ज कराई और चुनाव आयोग को भी इसकी जानकारी दी। घटना के सामने आने के बाद काउंटिंग केंद्र पर हलचल तेज हो गई। चुनाव प्रक्रिया के दौरान बैलेट बॉक्स की सील टूटी मिलने से उसकी स्थिति को लेकर सवाल उठे। हालांकि, जिला प्रशासन ने मौके पर स्थिति को संभाल लिया और संबंधित बैलेट बॉक्स को बाकी मतगणना से अलग रखा गया।
अजय सिंह ने बताई मानवीय भूल की संभावना
निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह ने इस घटना के पीछे मानवीय भूल होने की संभावना जताई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल बैलेट बॉक्स को अलग रख दिया गया है और इस पर आगे का फैसला बाद में लिया जाएगा। अजय सिंह के मुताबिक, इस बॉक्स को लेकर किसी प्रत्याशी को आपत्ति नहीं होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, बैलेट बॉक्स की सील किस परिस्थिति में टूटी मिली, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इस मामले में अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों को लेना है।
चुनाव आयोग की शिकायत के बाद फैसले का इंतजार
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव की मतगणना के दौरान सामने आए इस मामले में अब संबंधित अधिकारियों के फैसले पर नजर है। बैलेट बॉक्स की सील टूटी मिलने के बाद चुनाव प्रक्रिया के तहत आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह तय किया जाना बाकी है। फिलहाल संबंधित बैलेट बॉक्स को अलग रखा गया है। निर्दलीय प्रत्याशी की ओर से आपत्ति दर्ज कराए जाने और चुनाव आयोग को शिकायत दिए जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है। बैलेट बॉक्स की सील टूटने की वास्तविक वजह और इस पर अंतिम निर्णय को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।




















