Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

एमिटी स्कूल के छात्र अधिराज चौहान का कमाल- मेंटल हेल्थ के लिए बनाया AI ऐप AIR, NITI Aayog के AI इम्पैक्ट समिट में चुने गए स्पीकर

अधिराज चौहान को Startup India DPIIT मान्यता, India Young-preneur Award, Harvard Most Innovative Solution, Oxford Best Research Paper Award, IIT Innovation और CSIR जिज्ञासा अवार्ड मिला, Delta AI Revolution के तहत मानसिक स्वास्थ्य समस्या के लिए AI समाधान निकाला।
एमिटी स्कूल के छात्र अधिराज चौहान का कमाल- मेंटल हेल्थ के लिए बनाया AI ऐप AIR, NITI Aayog के AI इम्पैक्ट समिट में चुने गए स्पीकर
नीति आयोग में एआईएम के मिशन निदेशक दीपक बागला (बाएं) के साथ अधिराज चौहान (बीच में)

नई दिल्ली। एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के छात्र अधिराज चौहान के लिए जिज्ञासा केवल पढ़ाई-लिखाई तक सीमित नहीं रही है। इसने उनमें नए क्षेत्रों को जानने, स्थापित तरीकों पर सवाल उठाने और उभरती हुई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग खोजने की रुचि पैदा की है। उनकी यह व्यापक रुचि उनकी उपलब्धियों में झलकती है। इनमें शामिल हैं AI वेंचर के लिए 'स्टार्टअप इंडिया (DPIIT)' की मान्यता, 'इंडियाज यंग-प्रेन्योर अवार्ड', हार्वर्ड सस्टेनेबिलिटी इम्पैक्ट समिट में 'मोस्ट इनोवेटिव सॉल्यूशन' (सबसे अभिनव समाधान) के लिए सम्मान और ऑक्सफोर्ड ग्लोबल एकेडमिक समिट में 'बेस्ट रिसर्च पेपर' का पुरस्कार।

AI इम्पैक्ट समिट में वक्ता के रूप में चुने गए

नीति आयोग द्वारा नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'AI इम्पैक्ट समिट' में वक्ता के रूप में चुने गए केवल दो छात्रों में से एक होने के नाते उन्होंने अपना स्टार्टअप एक ऐसे दर्शकों के सामने पेश किया। कार्यक्रम में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और ओपनAI जैसी तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। उनके काम की सराहना नीति आयोग के 'अटल इनोवेशन मिशन' के मिशन डायरेक्टर दीपक बागला ने भी की, जिन्होंने उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण और राष्ट्र-निर्माण की क्षमता की तारीफ की है। इससे पहले चौहान ने IIT इनोवेशन प्रतियोगिता जीती थी साथ ही CSIR 'जिज्ञासा अवार्ड' प्राप्त किया था और CBSE नेशनल साइंस फेयर अवार्ड भी जीता था।

दैनिक समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की

इन सम्मानों के पीछे लोगों के रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करने वाली समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक का उपयोग करने की उनकी गहरी रुचि है। ऐसी ही एक चुनौती मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, प्रति 100,000 लोगों पर तीन मनोचिकित्सक (psychiatrists) होने चाहिए, जबकि भारत में यह संख्या लगभग 0.75 है। WHO का यह अनुमान भी स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है कि दुनिया भर में हर सात किशोरों में से एक किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है। इसी जरूरत और पेशेवर देखभाल की उपलब्धता के बीच के अंतर को देखते हुए चौहान ने अपने मुख्य वेंचर 'AIR' पर ध्यान केंद्रित किया है। यह उनकी कंपनी 'डेल्टा AI रेवोल्यूशन' (Delta AI Revolution) के तहत विकसित एक AI-आधारित मानसिक स्वास्थ्य ऐप है।

मानसिक रोगियों की मदद के लिए डिजाइन किया ऐप

AIR को उन उपयोगकर्ताओं की मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है जो एंग्जायटी (चिंता), डिप्रेशन (अवसाद) और ट्रॉमा (मानसिक आघात) से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मैक्स और अपोलो अस्पतालों में मनोरोग विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. संदीप वोहरा के क्लिनिकल इनपुट के साथ विकसित, यह प्लेटफॉर्म कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) और काउंसलिंग फ्रेमवर्क का उपयोग करता है। इसके जरिए व्यवस्थित बातचीत की जा सकती है, बातचीत का रिकॉर्ड रखा जा सकता है और समय के साथ व्यवहार के पैटर्न की पहचान की जा सकती है।

सात क्षेत्रीय भाषाओं नें 40 हजार लोगों तक पहुंचा

'डेल्टा AI रेवोल्यूशन' के अनुसार, AIR सात क्षेत्रीय भाषाओं में 40,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं तक पहुंच चुका है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी लागत, भौगोलिक दूरी, भाषा और सामाजिक कलंक (स्टिग्मा) जैसी बाधाओं को कम करना है। साथ ही यह भी माना गया है कि AI-आधारित सहायता, निदान और उपचार के मामले में योग्य पेशेवरों के निर्णय की जगह नहीं ले सकती।

कई पुरस्कार भी जीते

इस पहल को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के 'TIDE' कार्यक्रम के तहत 'सीड-स्टेज' फंडिंग के जरिए संस्थागत समर्थन मिला है। इसके बाद अधिराज चौहान को 'आउटलुक बिजनेस अवार्ड्स' में 'AI और इनोवेशन के क्षेत्र में विजनरी यंग लीडर' और 'BW बिजनेसवर्ल्ड अवार्ड्स' में 'यंग AI एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर' के रूप में सम्मानित किया गया।

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

Latest Posts