हरियाली अमावस्या पर घंसौर में गूंजा ढोल-मांदर, पारंपरिक सेल नृत्य में झूमे ग्रामीण

सिवनी के घंसौर तहसील के ग्राम लुटमरा में हरियाली अमावस्या के अवसर पर पारंपरिक सेल नृत्य का आयोजन हुआ। आदिवासी समाज के महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और ढोल-मांदर की थाप पर सामूहिक नृत्य किया। कार्यक्रम में ग्रामीण संस्कृति, लोक परंपरा और आदिवासी विरासत की खूबसूरत झलक देखने को मिली।
हरियाली अमावस्या पर घंसौर में गूंजा ढोल-मांदर, पारंपरिक सेल नृत्य में झूमे ग्रामीण
घंसौर तहसील के ग्राम लुटमरा में हरियाली अमावस्या के अवसर पर पारंपरिक सेल नृत्य का आयोजन

घंसौर तहसील क्षेत्र के ग्राम लुटमरा में हरियाली अमावस्या के अवसर पर पारंपरिक सेल नृत्य का आयोजन किया गया। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में होने वाला यह आयोजन ग्रामीणों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और पूरे उत्साह के साथ लोक उत्सव का आनंद लिया।

ढोल-मांदर की थाप पर थिरके महिला-पुरुष

सेल नृत्य के दौरान ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। ढोल और मांदर की थाप पर महिला और पुरुषों ने मिलकर सामूहिक नृत्य किया। नृत्य के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम में लोकगीत, संगीत और पारंपरिक नृत्य के जरिए आदिवासी संस्कृति की खूबसूरत झलक दिखाई दी।

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पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा

ग्रामीणों के अनुसार, सेल नृत्य आदिवासी समाज की पुरानी लोक परंपरा है। यह सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का अहम हिस्सा है। ग्रामीण इस परंपरा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहें।

उत्सव में दिखी संस्कृति की रंगीन झलक

हरियाली अमावस्या के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम से पूरे गांव में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-मांदर की थाप और सामूहिक नृत्य ने आयोजन को खास बना दिया। ग्राम लुटमरा में हुए इस आयोजन ने एक बार फिर आदिवासी लोक संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विरासत को सामने रखा।

Umesh Shrivastava
By Umesh Shrivastava

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