Garga Chatterjee Arrested:एक्टिविस्ट गार्गा चटर्जी गिरफ्तार, ईवीएम में हेराफेरी का लगाया था आरोप

निर्वाचन आयोग की शिकायत पर कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने जांच शुरू की। गार्गा चटर्जी पर ईवीएम को लेकर अफवाह फैलाने और लोगों को भ्रमित करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, नोटिस के बावजूद पूछताछ में शामिल न होने पर गिरफ्तारी की गई।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
निर्वाचन आयोग की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम इकाई ने मामले की जांच शुरू की। आयोग ने आरोप लगाया कि गार्गा चटर्जी सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से ईवीएम को लेकर भ्रम फैला रहे थे। पुलिस ने शुरुआती जांच में कई पोस्ट और बयान चिन्हित किए, जिन्हें भ्रामक और संभावित रूप से भड़काऊ माना गया। इसके बाद उन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया। हालांकि, पुलिस के अनुसार, उन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया और जांच में सहयोग नहीं किया। इसी के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
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ईवीएम को लेकर किए थे विवादित पोस्ट
पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने बताया कि गार्गा चटर्जी ने ईवीएम में कथित छेड़छाड़ और चुनावी गड़बड़ियों को लेकर कई पोस्ट किए थे। इन पोस्ट्स में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे बयानों से आम मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बन सकती है। पुलिस ने यह भी कहा कि पोस्ट्स की सामग्री का फोरेंसिक जांच की रही है।
नोटिस के बावजूद नहीं हुए पेश
जांच के दौरान पुलिस ने गार्गा चटर्जी को दो बार नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन वे निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हुए। पुलिस का कहना है कि यह सहयोग न करने का स्पष्ट मामला है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें कोलकाता से हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
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भड़काऊ बयानबाजी का भी आरोप
पुलिस ने इस मामले में जल्दी संज्ञान लेते हुए एक अतिरिक्त केस भी दर्ज किया है। आरोप है कि गार्गा चटर्जी लगातार सोशल मीडिया पर कई समुदायों को लेकर भड़काऊ टिप्पणियां कर रहे थे। इससे सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है ताकि चुनावी माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।
मतगणना केंद्र पर भी हुआ था विवाद
इससे पहले गार्गा चटर्जी मतगणना केंद्र पर पहुंचकर भी विवादों में आ चुके हैं। वहां उन्होंने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे, जिस पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया था। कथित तौर पर उन्हें वहां से बाहर जाने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने दावा किया था कि कुछ मशीनें ठीक से काम नहीं कर रही थीं। साथ ही मतदाताओं से वीवीपैट स्लिप जांचने की अपील भी की थी।












