गांधीनगर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब गुजरात से भी डराने वाली तस्वीर सामने आ रही है। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में गंदा पानी पीने से टाइफाइड के मामलों में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालात ऐसे बने कि बच्चों समेत करीब 100 से ज्यादा मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पिछले तीन दिनों में गांधीनगर सिविल अस्पताल में टाइफाइड के मरीज लगातार बढ़ते गए। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर दिखा, जिन्हें बाल चिकित्सा वार्ड में भर्ती किया गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन स्थिति को हल्के में नहीं लिया जा रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी खुद गांधीनगर सिविल अस्पताल पहुंचे और हालात की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलाज, दवाइयों और निगरानी में कोई कमी न रहे। मरीजों के साथ आए परिजनों के लिए भोजन और जरूरी सुविधाओं की भी व्यवस्था करवाई गई है। इलाज को मजबूत करने के लिए 22 डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात की गई है, ताकि हर मरीज तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचे।
मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खुद जिलाधिकारी से फोन पर तीन बार बात की। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी के मुताबिक, केंद्र और राज्य प्रशासन लगातार संपर्क में हैं और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि गांधीनगर के सेक्टर 24, 25, 26 और 28, साथ ही आदिवाड़ा क्षेत्र से सबसे ज्यादा मरीज सामने आए हैं। इन इलाकों से लिए गए पानी के सैंपल की जांच में यह साफ हुआ है कि पीने का पानी उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं है।यही दूषित पानी बीमारी की मुख्य वजह माना जा रहा है।
गांधीनगर नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग अब फील्ड में है। प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। लोगों को साफ शब्दों में कहा गया है कि पानी उबालकर ही पिएं, बाहर का खाना न खाएं और सिर्फ घर का बना ताजा भोजन लें इसके साथ ही पानी की टंकियों की सफाई के लिए क्लोरीन की गोलियां भी बांटी जा रही हैं।
इंदौर से हालात और ज्यादा चिंताजनक हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से करीब 16 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 150 से ज्यादा लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम को प्रभावित इलाकों में पानी के टैंकर तैनात करने के निर्देश दिए हैं।