गांधी ताप विद्युत केंद्र की 500 मेगावाट यूनिट बंद, ज्यादा पानी की खपत के बाद जांच शुरू

गांधी ताप विद्युत केंद्र की 500 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट में शनिवार रात से बिजली उत्पादन बंद है। उत्पादन के दौरान यूनिट में पानी की खपत सामान्य से ज्यादा होने के कारण इसे बंद कर जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। इसके बाद ही यूनिट में दोबारा बिजली उत्पादन शुरू हो पाएगा।
ज्यादा पानी की खपत के कारण बंद की गई यूनिट
केंद्र के चीफ इंजीनियर एचके त्रिपाठी ने रविवार को बताया कि बिजली उत्पादन के दौरान यूनिट में पानी की खपत अधिक हो रही थी। इसी वजह से एहतियात के तौर पर यूनिट को बंद कर दिया गया है। फिलहाल अधिकारी तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, ताकि पानी की ज्यादा खपत के कारणों का पता लगाया जा सके।
उत्पादन शुरू होने में लग सकते हैं दो से तीन दिन
एचके त्रिपाठी के मुताबिक यूनिट की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। जांच पूरी होने और जरूरी प्रक्रिया के बाद ही बिजली उत्पादन दोबारा शुरू किया जाएगा। तब तक 500 मेगावाट क्षमता वाली यह यूनिट बंद रहेगी।
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बिजली व्यवस्था पर असर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
गांधी ताप विद्युत केंद्र की यूनिटें पहले भी तकनीकी कारणों से बंद या ट्रिप हो चुकी हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 500 मेगावाट क्षमता वाली इस यूनिट के बंद रहने से प्रदेश की बिजली आपूर्ति पर कितना असर पड़ेगा।




















