नमकीन इंडस्ट्री बदलेगा स्वरूप :अब कस्टमर बताएंगे पसंदीदा स्वाद, लैब में बनेगा फॉर्मूला

फूड इंडस्ट्री में नए साल से बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। फूड कस्टमर की इच्छा और स्वाद पर निर्भर होंगे। कस्टमर जरूरत, स्वाद, फैट और प्रोटीन के अनुसार नमकीन बनवा सकेंगे।
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अब कस्टमर बताएंगे पसंदीदा स्वाद, लैब में बनेगा फॉर्मूला
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    विश्वनाथ सिंह, इंदौर। अब कस्टमर अपने पसंदीदा स्वाद के अनुसार नमकीन बनवा सकेंगे। नमकीन का फॉमूर्ला पहले लैब में तैयार होगा और फिर फैक्ट्री में उसी हिसाब से उत्पादन होगा। देशभर की नमकीन इंडस्ट्री इस दिशा में काम शुरू कर चुकी है। कंपनियां एक्सपर्ट्स और न्यूट्रीशियनिस्ट की सलाह लेकर हेल्दी और टेलर-मेड नमकीन तैयार कर रही हैं। यह मॉडल फूड इंडस्ट्री में कस्टमाइजेशन का नया दौर शुरू करेगा।

    नमकीन के नए प्रकार

    फेडरेशन ऑफ स्वीट्स एंड नमकीन मैन्युफैक्चरर्स नई दिल्ली के निदेशक फिरोज हैदर नकवी बताते हैं, सेहत के प्रति बढ़ती जागरुकता के चलते इंडस्ट्री अब शुगरलेस, शुगर-फ्री और मिलेट बेस्ड नमकीन पर फोकस कर रही हैं। वीगन नमकीन और मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ी है। पहले ग्राहक इन्हें कम पसंद करते थे, अब नई तकनीक और बेहतर इनग्रेडिएंट्स की वजह से वीगन प्रोडक्ट भी सामान्य प्रोडक्ट जितने स्वादिष्ट तैयार हो रहे हैं।

    ये हो सकता है बदलाव का कारण

    FSSAI के न्यूट्रीशन लेबलिंग और हेल्थ-क्लेम से जुड़े नए नियमों के कारण भी नमकीन इंडस्ट्री पर दबाव बढ़ा है। अब पैक्ड नमकीन पर कैलोरी, फैट, शुगर और नमक की मात्रा स्पष्ट लिखना अनिवार्य है। साथ ही फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग व्यवस्था में हाई-फैट, हाई-शुगर और हाई-सॉल्ट प्रोडक्ट्स को लाल निशान से दशार्ने की तैयारी चल रही है। इसी के चलते कंपनियां न्यूट्रीशियनिस्ट और फूड टेक्नोलॉजिस्ट की सलाह लेकर नए फॉमूर्ले डिजाइन कर रही हैं।

    इसलिए पड़ी जरूरत 

    इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, ग्राहक एक जैसे पैटर्न का नमकीन खाकर बोर होने लगे थे। जब वे दुकानों पर पहुंचते थे, तो उनका पहला सवाल होता था कि नया क्या है।

    इंदौर के नमकीन की विदेशों में भी डिमांड 

    इंदौर नमकीन उद्योग का बड़ा केंद्र बन चुका है। शहर में 250 से 300 नमकीन उत्पादन इकाइयां हैं। इनमें 15 से 20 बड़े ब्रांड हैं, जो मप्र, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में अपने प्रोडक्ट सप्लाई करते हैं। इंदौर का नमकीन यूएई, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों में भी निर्यात होता है। यह उद्योग प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देता है।

    ट्रेडिशनल नमकीन में नहीं होगा बदलाव

    इंदौर मिठाई-नमकीन निर्माता-विक्रेता संघ के सचिव अनुराग बोथरा कहते हैं कि ट्रेडिशनल नमकीन में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन मॉडर्न नमकीन अब कम ऑयल, कम फैट और कम शुगर के साथ तैयार होगा। हेल्दी स्नैकिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए नमकीन निर्माता इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।

    यह भी जानिए

    • कितने ब्रांड बनाएंगे : देशभर के 5000 से ज्यादा
    • न्यूनतम कितना बनवा सकते हैं : 2 किलो
    • पसंदीदा नमकीन का भाव होगा : 400-480 रुपए किलो
    • सामान्य नमकीन का भाव है : 280-360  रुपए किलो
    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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