पत्नी की गंभीर बीमारी और दो माह के बच्चे का हवाला भी नहीं आया काम, वनरक्षक का तबादला रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार

ग्वालियर। पत्नी की गंभीर बीमारी और दो माह के बच्चे की परेशानी का हवाला देकर तबादला निरस्त कराने की मांग कर रहे वनरक्षक को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। जस्टिस आनंद सिंह बहारावत की अदालत ने कहा कि तबादला सरकारी सेवा का हिस्सा है और किसी कर्मचारी को अपनी पसंद के स्थान पर पदस्थ रहने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने तबादले में न तो दुर्भावना और न ही किसी वैधानिक नियम के उल्लंघन का आधार पाया। इसके साथ ही वनरक्षक शुभम श्रीवास्तव की याचिका खारिज कर दी गई।
शुभम श्रीवास्तव वर्तमान में बीट खड़ी, वन परिक्षेत्र खड़ी (सामान्य) में पदस्थ थे। 15 जून 2026 को जारी आदेश के तहत उनका तबादला बीट खड़ी से बीट पिपरानी (उत्तर), वन परिक्षेत्र बुढ़ेरा कर दिया गया था। नई पदस्थापना वर्तमान स्थान से करीब 95 किलोमीटर दूर है।
पत्नी का इलाज श्योपुर में, बच्चे की परेशानी बताई
वनरक्षक ने कोर्ट में बताया कि उनकी पत्नी गंभीर रूप से बीमार हैं और श्योपुर में उनका इलाज चल रहा है। उनके दो माह के बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी भी है। इसलिए उन्होंने श्योपुर के नजदीक बीट ककरधा दक्षिण अथवा किसी अन्य स्थान पर पदस्थ करने का अनुरोध किया था। इससे पहले हाईकोर्ट ने 2 जुलाई 2026 को याचिका पर संबंधित अधिकारी को दस्तावेजों के साथ नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करने और उसका कारणयुक्त आदेश से निराकरण करने के निर्देश दिए थे। तब तक तबादला आदेश पर रोक लगाकर वनरक्षक को वर्तमान पदस्थापना पर बनाए रखा गया था। हालांकि, विभाग ने 22 जुलाई को अभ्यावेदन खारिज कर दिया।
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चार साल से अधिक समय से एक ही बीट में थे पदस्थ
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि तबादले के मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप का दायरा सीमित है। दुर्भावना, वैधानिक नियमों का उल्लंघन या सेवा शर्तों पर प्रतिकूल प्रभाव जैसे सीमित आधार होने पर ही अदालत हस्तक्षेप कर सकती है। कोर्ट ने पाया कि वनरक्षक यह साबित नहीं कर सके कि उनका तबादला दुर्भावना से किया गया है या किसी वैधानिक नियम का उल्लंघन हुआ है। विभाग के अनुसार वे एक ही बीट में चार वर्ष से अधिक समय से पदस्थ थे और वन सुरक्षा की दृष्टि से उनका स्थानांतरण किया गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2026 को याचिका खारिज कर दी।




















