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सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों को सम्मान, गौर विस्थापन में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला पुरस्कार

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों को चूरना गौर विस्थापन अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। पदमसिंह राजपूत को 50 हजार और आठ सदस्यीय दल को एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि मिली।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों को सम्मान

सोहागपुर। वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में आयोजित कार्यक्रम में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन अमले और समिति सदस्यों को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में चूरना गौर विस्थापन अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वनकर्मियों और दल के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जनसंपर्क अधिकारी एवं सहायक संचालक आशीष खोबरागड़े ने बताया कि गौर विस्थापन अभियान के दौरान बेहतर कार्य करने वाले मैदानी वन अमले को सम्मानित किया गया।

डॉग हैंडलर पदमसिंह राजपूत को 50 हजार का पुरस्कार

कार्यक्रम में वनपाल एवं डॉग हैंडलर पदमसिंह राजपूत को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए 50 हजार रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। वहीं, गौर ट्रांसलोकेशन अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के आठ सदस्यीय दल को एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित वन अमले में पदमसिंह राजपूत के साथ विशाल सिंह चौहान, दिनेश उसारिया, अनिल शाक्य, मिथिलेश कुमार, सूबेदार नागले, उमेश दुबे, अजय दुबे और ईश्वरदास शामिल हैं।

वन अधिकारियों ने दी बधाई

इस अवसर पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा और उप संचालक ऋषिभा सिंह नेताम ने सम्मानित वन अमले एवं समिति सदस्यों को बधाई दी। वन अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में मैदानी वन अमले का समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा विभाग के लिए महत्वपूर्ण है। इस तरह के सम्मान से वनकर्मियों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

समिति सदस्यों को लाभांश राशि का वितरण

कार्यक्रम के दौरान सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से जुड़े समिति सदस्यों को लाभांश राशि भी वितरित की गई। वन विभाग के अनुसार वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन में मैदानी वन अमले के साथ स्थानीय समिति सदस्यों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। समिति सदस्यों को लाभांश राशि का वितरण संरक्षण गतिविधियों में स्थानीय सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। इससे स्थानीय लोगों की वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन से जुड़ी भागीदारी को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

Neelam Tiwari
By Neelam Tiwari

नीलम तिवारी - सोहागपुर के वरिष्ठ पत्रकार, 40 वर्षों से निष्पक्ष, जनसरोकार और ग्रामीण मुद्दों की निर्...Read More

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