बाजार में लौटेगा विदेशी निवेश!निवेशकों को लुभाने की तैयारी में सरकार, टैक्स नियमों में मिल सकती है बड़ी राहत

भारतीय बाजार से लगातार हो रही विदेशी निवेशकों की निकासी के बीच केंद्र सरकार अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) को दोबारा भारतीय बाजार की ओर आकर्षित करने के लिए टैक्स नियमों में राहत देने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय कैबिनेट ने इस संबंध में एक अध्यादेश लाने की सिफारिश की है जिससे कुछ खास सिक्योरिटीज में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स व्यवस्था आसान हो सकती है। यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 6% तक कमजोर हो चुका है। वहीं जनवरी 2026 से अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से करीब 2.25 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है और सरकार निवेशकों का भरोसा मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
सरकारी बॉन्ड पर टैक्स छूट की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) मिलकर ऐसे उपायों पर काम कर रहे हैं जिससे विदेशी निवेश फिर से बढ़ सके। सबसे बड़ा प्रस्ताव विदेशी निवेशकों को भारतीय सरकारी बॉन्ड (G-Secs) में निवेश पर टैक्स राहत देने का है। फिलहाल विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड से मिलने वाली ब्याज आय पर 20% विथहोल्डिंग टैक्स देना पड़ता है। पहले यह दर सिर्फ 5% थी। अब सरकार इस टैक्स को कम करने या पूरी तरह हटाने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बॉन्ड बाजार ज्यादा आकर्षक बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स राहत मिलने से विदेशी निवेशक फिर से भारतीय डेट मार्केट में पैसा लगाएंगे। इससे डॉलर की आवक बढ़ेगी और रुपये पर बना दबाव कुछ कम हो सकता है।
RBI की घोषणाओं पर भी बाजार की नजर
बाजार को उम्मीद है कि RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक के बाद भी कुछ अहम फैसले सामने आ सकते हैं। सरकार और RBI दोनों की कोशिश है कि बाजार में स्थिरता बनी रहे और विदेशी निवेशकों का भरोसा दोबारा मजबूत हो। हाल के महीनों में ग्लोबल अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और घरेलू टैक्स नियमों के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से दूरी बनाई है। इसका असर शेयर बाजार और रुपये दोनों पर देखने को मिला है।
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कैपिटल गेन टैक्स और STT पर भी हो सकती है समीक्षा
विदेशी निवेशकों ने बजट से पहले सरकार के सामने कैपिटल गेन टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) के नियमों को लेकर भी चिंता जताई थी। निवेशकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में टैक्स बोझ बढ़ने से भारत का बाजार पहले जितना आकर्षक नहीं रह गया है। टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार टैक्स ढांचे में राहत देती है तो इससे विदेशी निवेशकों की वापसी तेज हो सकती है। साथ ही बाजार में लिक्विडिटी और स्थिरता भी बेहतर हो सकती है।
बाजार में लौट सकता है विदेशी निवेश
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर सरकार अध्यादेश के जरिए टैक्स नियमों को आसान बनाती है, तो यह भारतीय बाजार के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत होगा। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा लौट सकता है और शेयर बाजार के साथ-साथ बॉन्ड मार्केट में भी निवेश बढ़ सकता है।












