रायपुर :खाद्य विभाग सचिव ने ली समीक्षा बैठक,गैस वितरण पर सख्ती, कमर्शियल एलपीजी पर 20 प्रतिशत सीमा लागू

छत्तीसगढ़ में गैस की उपलब्धता और वितरण प्रणाली के संबंध में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने राजधानी रायपुर में समीक्षा बैठक ली। बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली और उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अहम निर्णय लिए गए।
खाद्य विभाग सचिव ने ली समीक्षा बैठक,गैस वितरण पर सख्ती, कमर्शियल एलपीजी पर 20 प्रतिशत सीमा लागू
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 

    20 प्रतिशत ही एलपीजी मिलेगी

    बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों और प्रतिष्ठानों को पिछले महीने की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी दी जाएगी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।

    ये भी पढ़ें: पेट्रोल की राशनिंग : बाइक वालों को 200 और फोर व्हीलर्स वालों को मिलेगा सिर्फ 2000 का पेट्रोल, इस जिले के पेट्रोल पंपों पर तय कर दी लिमिट

    शिकायतों के जल्द निराकरण के निर्देश

    जिला प्रशासन को सभी एलपीजी एजेंसी संचालकों के ऑफिस और गोदामों में पुलिस, होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने टेलीफोन नंबर एक्टिव रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में अफरा-तफरी! ‘धुरंधर 2’ के बाद भिखारियों पर पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन

    प्राथमिकता श्रेणियां की गई  तय 

    उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए कई संस्थानों के लिए प्राथमिकता निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान और हॉस्पिटल, सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, रेलवे, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां और रेस्टोरेंट शामिल हैं। 

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

    Latest Posts