बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों और प्रतिष्ठानों को पिछले महीने की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी दी जाएगी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।
जिला प्रशासन को सभी एलपीजी एजेंसी संचालकों के ऑफिस और गोदामों में पुलिस, होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने टेलीफोन नंबर एक्टिव रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए कई संस्थानों के लिए प्राथमिकता निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान और हॉस्पिटल, सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, रेलवे, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां और रेस्टोरेंट शामिल हैं।