NEET Exam :रात 1:30 बजे थाना पहुंचा टीचर, हाथ में थी 60 पन्नों की PDF, और फिर जो हुआ...

नई दिल्ली/राजस्थान। नीट UG 2026 परीक्षा रद्द के मामले में एक बार फिर जांच एजेंसी को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। मामले में अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं अब इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान के सीकर में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के शिक्षक द्वारा मिली शिकायत के आधार पर NTA ने केंद्रीय एजेंसी को अलर्ट जारी किया। जिसके बाद मामला राजस्थान SOG और फिर CBI के पास पहुंचा।
1: 30 बजे पुलिस थाने पहुंचे शिक्षक
मीडिया खबरों के अनुसार, 3 मई को नीट यूजी 2026 की परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसके अगले दिन यानि 4 मई की रात करीब 1:30 बजे सीकर में कोचिंग इंस्टीट्यूट के टीचर उदयोग नगर स्थित पुलिस स्टेशन पहुंचे। जब वे यहां आए तो उनके हाथ में कुछ पन्ने देखे गए। उनका दावा है कि NEET परीक्षा में गड़बड़ी की गई है। उन्होंने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी। जिसके जवाब में पुलिस द्वारा उन्हें एक खाली पेपर में लिखित शिकायत देने को कहा गया। लेकिन शिक्षक ने इस बात को मानने से मना कर दिया और वे वहां से रवाना हो गए।
आखिर कैसे मिला वायरल गेस पेपर
नीट पेपर लीक में नया मोड़ तब आया जब परीक्षा वाले दिन शाम को पुलिस में शिकायत करने पहुंचे शिक्षक को मकान मालिक ने गेस पेपर दिखाया था। जबकि मकान मालिक को यह पेपर केरल से मिला जो उनके बेटे ने भेजा था। शिक्षक ने जब इस पेपर पर नजर डाली और ध्यान से पढ़ा और उसे जब असली नीट पेपर से मिलान किया तो पता लगा। इसके अधिकतर सवाल वहीं थे जो नीट यूजी परीक्षा में पूछे गए थे। इस घटना के बाद शिक्षक का शक और बढ़ गया कि कहीं पेपर लीक तो नहीं हुआ।
पेपर लीक के शक ने बढ़ाई शिक्षक की चिंता
जानकारी के मुताबिक, शिक्षक इस पूरे मामले को लेकर काफी परेशान थे। कथित ‘गेस पेपर’ और परीक्षा के सवालों में समानता देखने के बाद वह कई दिनों तक सोचते रहे कि आखिर आगे क्या कदम उठाया जाए। मामला गंभीर लगने पर उन्होंने पहले कुछ पत्रकारों से भी संपर्क किया, लेकिन उस समय किसी ने इसे ज्यादा अहमियत नहीं दी।
बताया जा रहा है कि बाद में कोचिंग इंस्टीट्यूट के मालिक का समर्थन मिलने के बाद शिक्षक ने सीधे NTA को आधिकारिक शिकायत भेजने का फैसला किया।
NTA को भेजी 60 पन्नों की PDF
7 मई की रात करीब 9:30 बजे शिक्षक ने NTA को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी। शिकायत में उन्होंने दावा किया कि उनके पास करीब 60 पन्नों की एक PDF फाइल मौजूद है। इस PDF में केमिस्ट्री के लगभग 90 सवाल और बायोलॉजी के कई सवाल शामिल थे। शिक्षक को शक था कि ये सवाल परीक्षा से पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच चुके थे।
जांच में सहयोग की पेशकश
शिक्षक ने अपनी शिकायत में साफ लिखा कि वह जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अपना मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए सौंपने की भी बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
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शुरुआती जांच में मिली क्लीन चिट
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में शिक्षक की भूमिका संदिग्ध नहीं पाई गई। जांच एजेंसियों ने माना कि कथित ‘गेस पेपर’ उन्हें परीक्षा खत्म होने के बाद मिला था। इसी वजह से फिलहाल जांच में उनके खिलाफ कोई गलत तथ्य सामने नहीं आया है और उन्हें क्लीन चिट मिल गई है।
शिक्षक की शिकायत के बाद शुरू हुई बड़ी जांच
बताया जा रहा है कि इसी शिकायत के बाद NTA ने केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट किया। इसके बाद राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामले की जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच CBI को सौंप दी गई। अब एजेंसियां पूरे नेटवर्क, संभावित पेपर लीक कनेक्शन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही हैं।











