इंदौर – शहर में दीपावली की रात हुई आतिशबाजी से देश के सबसे शुद्ध हवा वाले शहर की हवा में प्रदूषण घुल गया। बताया जाता है कि हालांकि हवा में प्रदूषण पिछले साल की तुलना में कम रहा। लेकिन पटाखों से निकलने वाली हानिकारक गैसों के उत्सर्जन से वायु प्रदूषण का आंकड़ा बढ़ गया है। रीगल क्षेत्र में सोमवार रात तीन बजे से मंगलवार अल सुबह चार बजे तक प्रदूषण ‘खतरनाक’ स्तर 500 पर रहा। यही स्थिति एयरपोर्ट क्षेत्र में भी रही, जहां सात घंटे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 500 रहा। रात में कुछ समय के लिए वायु प्रदूषण स्तर की यह स्थिति शहरवासियों के स्वास्थ्य के लिए इमरजेंसी अलर्ट की तरह ही थी। रेसीडेंसी क्षेत्र में रात 12 से दो बजे तक प्रदूषण उच्च स्तर पर पहुंचा।
वर्ष 2024 में इंदौर में दीपावली के दिन 24 घंटे का एक्यूआई 391 था। इस साल 500 रहा, हालांकि इतनी मात्रा हवा को दूषित करती है। ज्ञात रहे कि इस वर्ष दीपावली पूूजन का मुर्हूत रात साढ़े आठ बजे तक ही था। इसके चलते आतिशबाजी का दौर जल्दी शुरू हो गया रात 12 बजे तक कई इलाकों में पटाखों का शोर काफी कम हो गया था। पर्यावरणविद व पूर्व वैज्ञानिक दिलीप वाघेला का कहना है कि इस बार हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम हुआ लेकिन एक्यूआई 500 होने से वायु प्रदूषण बढ़ा है। आतिशबाजी से सल्फर डाइआक्साइड, नाइट्रोजन डाइआक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड जैसी हानिकारक गैसों की मात्रा वातावरण में घुली है।