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खेती का हीरो और किसानों का सबसे बड़ा दोस्त है उल्लू!जानें कैसे करता है फसलों की सुरक्षा

उल्लू को अक्सर अशुभ माना जाता है, लेकिन किसानों के लिए यह सबसे बड़ा मददगार पक्षी है। यह चूहों और हानिकारक कीटों का शिकार कर फसलों की सुरक्षा करता है। जानिए क्यों कृषि विशेषज्ञ भी खेतों के आसपास उल्लुओं को संरक्षण देने की सलाह देते हैं।
जानें कैसे करता है फसलों की सुरक्षा
Owl Use in Farming

गांवों और खेतों में रात के समय अक्सर उल्लू की आवाज सुनाई देती है। पहले लोग इसे अशुभ मानते थे, लेकिन अब कृषि विशेषज्ञ और किसान इसे फसलों का रक्षक मानते हैं। उल्लू खेतों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों और कीटों का शिकार कर किसानों की बड़ी मदद करता है।

चूहों और कीटों से बचाता है फसल

किसानों की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान चूहे और हानिकारक कीट पहुंचाते हैं। ये फसलों की जड़ों, अनाज और भंडारण में रखी बोरियों को नुकसान पहुंचाते हैं। उल्लू इन चूहों और कीटों का शिकार कर उनकी संख्या को नियंत्रित करता है, जिससे फसल सुरक्षित रहती है।

अंधेरे में भी कर लेता है शिकार

उल्लू की नजर और सुनने की क्षमता बेहद तेज होती है। यह रात के घने अंधेरे में भी आसानी से अपने शिकार को देख सकता है। सूखी पत्तियों के नीचे छिपे कीड़ों और चूहों की हलचल भी यह तुरंत पहचान लेता है।

बिना आवाज उड़कर पकड़ता है शिकार

उल्लू के पंखों की बनावट ऐसी होती है कि उड़ते समय कोई आवाज नहीं होती। इसी वजह से चूहों और अन्य छोटे जीवों को उसके आने का पता नहीं चलता और वह आसानी से उनका शिकार कर लेता है।

Khabar Zara Hatke

सालभर में हजारों चूहों का करता है सफाया

एक उल्लू सालभर में हजारों चूहों और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों का शिकार कर सकता है। यही वजह है कि इसे किसानों का प्राकृतिक सुरक्षा गार्ड भी कहा जाता है।

बिना खर्च के करता है खेतों की सुरक्षा

फसलों को बचाने के लिए किसान अक्सर महंगे और रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं। इससे खेती की लागत बढ़ती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। वहीं उल्लू बिना किसी खर्च के खेतों की सुरक्षा करता है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाता।

रातभर रखता है खेतों पर नजर

उल्लू रात के समय सक्रिय रहता है और खेतों के आसपास निगरानी करता है। यह चूहों, गिलहरियों और अन्य छोटे जीवों की संख्या को नियंत्रित कर फसलों को नुकसान से बचाता है।

कृषि वैज्ञानिक भी देते हैं यह सलाह

कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह देते हैं कि वे खेतों के आसपास ऊंचे पेड़ या लकड़ी के खंभे लगाएं। इससे उल्लुओं को बैठने और शिकार करने की जगह मिलती है, जिससे वे प्राकृतिक रूप से खेतों की रक्षा कर सकते हैं।

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद

इको-फ्रेंडली और जैविक खेती के बढ़ते चलन के बीच उल्लू जैसे पक्षी किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। ये रासायनिक कीटनाशकों की जरूरत कम करते हैं और खेती को अधिक सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल बनाते हैं।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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