मध्य प्रदेश के विदिशा की कृषि उपज मंडी में सोमवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब किसानों को अपनी फसल का सही दाम नहीं मिला। नाराज किसानों ने मंडी के बाहर सड़क पर चक्का जाम कर दिया जिससे यातायात प्रभावित हो गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मंडी में ग्रामीण क्षेत्रों से उपज लेकर पहुंचे किसानों को उनकी फसल का भाव करीब ₹2100 प्रति क्विंटल दिया जा रहा था। किसानों का कहना था कि यह दाम लागत के मुकाबले काफी कम है। इसी बात को लेकर किसानों और व्यापारियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे बड़े विवाद में बदल गई।
ये भी पढ़ें: कोरबा में शर्मनाक घटना: शराब के लिए दोस्त की बाइक बेची, फिर युवक को नग्न कर सड़क पर पीटा
गुस्साए किसानों ने मंडी के बाहर सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा। मौके पर बड़ी संख्या में किसान जमा हो गए और उन्होंने उचित दाम की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम क्षितिज शर्मा और अनाज तिलक संघ के अध्यक्ष राधेश्याम माहेश्वरी मौके पर पहुंचे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और मंडी व्यापारियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।
व्यापारियों का आरोप है कि मंडी में व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उनका कहना है कि तुलावट (तुलाई) का काम सही तरीके से नहीं हो रहा और कई जगह लाइसेंस किराए पर चल रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंडी में गुंडे-बदमाश सक्रिय हैं और उन्हीं के हाथों तुलाई का काम चल रहा है।
व्यापारियों और किसानों दोनों ने ही व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को सुविधाओं के नाम पर मंडी में परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र में इस तरह की स्थिति चिंताजनक है।
ये भी पढ़ें: बड़वानी : महिला प्यून का वेतन निकालने के बदले बीआरसी के बाबू कोे 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा
प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की गई। अधिकारियों ने किसानों को समझाइश दी और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। फिलहाल मामला शांत कराने के प्रयास जारी हैं।