बड़वानी। शिक्षक पति की मृत्यु के बाद पत्नी को चपरासी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, लेकिन उसको वेतन नहीं मिल रहा था। ऐसे में लेखा शाखा प्रभारी बाबू ने भोपाल से प्रान नंबर मंगवा कर जल्द वेतन भुगतान करवाने के बदल्ंो रिश्वत मांगी। इसकी शिकायत होने पर लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने घेराबंदी करके राजपुर बीआरसी आफिस में ही रिश्वत ले रहे लेखा शाखा प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया।
इस बारे में आवेदक बाबूलाल नरगावे, सेवानिवृत्त उच्च श्रेणी शिक्षक, गाध्यमिक विद्यालय देवला निवाशी ग्राम बकवाडी जिला बडवानी निवासी बकवाडी, तहसील राजपुर, जिला बडवानी ने इदौर लोकायुक्त पुलिस में शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि आवेदक के बेटे विशाल नरगावे की नियुक्ति प्राथमिक शिक्षक के पद पर शा.प्रा.वि. केलवानी सेंधवा ब्लॉक में थी, जिसकी मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को भृत्य के पद पर शा.उ.मा.वि. जुलवानिया में अनुकम्पा नियुक्ति मिली थी। हालांकि उसका वेतन नहीं निकल रहा था।
आवेदक बाबूलाल नरगावे ने बताया कि उनकी पुत्रवधु का वेतन निकालने के बदले लेखा शाखा प्रभारी ने 8 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इस शिकायत की पुष्टि होने के बाद इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने ट्रैप टीम बनाई। इसमें कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक विजय कुमार, सतीश यादव, पवन पटोरिया, आदित्य भदौरिया एवं श्रीकृष्णा अहिरवार शामिल थे।
लोकायुक्त पुलिस टीम के इशारे पर आवेदक ने जैसे ही विकासखंड शिखा कार्यालय पहुंचकर रिश्वत दी, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उसको पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी प्रदीप मण्डलोई पिता स्व. भारतसिंह भण्डलोई, सहायक ग्रेड 3, लेखा शाखा प्रभारी, कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, जनजाति कार्यविभाग राजपुर जिला बडवानी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई ।