पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच इजरायल ने ईरान को एक के बाद एक दो बड़े झटके दिए हैं। पहले हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी को मार गिराया गया। इसके कुछ ही घंटों बाद इजरायली सेना ने ईरान के प्रमुख सैन्य दस्ते ‘इमाम हुसैन’ डिवीजन के मुख्यालय को निशाना बनाया जिसमें कई बड़े कमांडर मारे गए।
इजरायल की सेना का कहना है कि खुफिया जानकारी के आधार पर वायुसेना ने ‘इमाम हुसैन’ डिवीजन के मुख्यालय पर सटीक हमला किया। इस कार्रवाई में डिवीजन के आर्टिलरी प्रमुख कामिल मेलहेम उनके सहयोगी और कई अन्य सैन्य अधिकारी मारे गए। इजरायल का आरोप है कि कामिल मेलहेम इजरायल और उसकी सेना पर तोपखाने से हमलों की योजना बनाते थे और उनकी निगरानी भी करते थे। वे डिवीजन के प्रमुख रणनीतिक कमांडरों में शामिल थे और हथियारों की खरीद से लेकर ऑपरेशन की योजना तक में अहम भूमिका निभाते थे।
‘इमाम हुसैन’ डिवीजन ईरान समर्थित एक अहम सैन्य इकाई मानी जाती है। यह डिवीजन आईआरजीसी और उसकी बाहरी शाखा कुद्स फोर्स के साथ मिलकर काम करता है। इसका इस्तेमाल ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ को मजबूत करने और इजरायल के खिलाफ हमलों के लिए किया जाता रहा है। ईरान के भीतर इसकी 14वीं इन्फैंट्री डिवीजन काफी पुरानी मानी जाती है, जिसकी शुरुआत 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद हुई थी और इसने ईरान-इराक युद्ध में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इस हमले से पहले ही ईरान को बड़ा झटका तब लगा जब उसके खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी को एक अलग ऑपरेशन में मार गिराया गया। खादेमी ने हाल ही में यह जिम्मेदारी संभाली थी और वे ईरान की सैन्य रणनीति में अहम भूमिका निभा रहे थे। उनसे पहले इस पद पर मोहम्मद काजेमी थे, जिनकी भी पिछले साल एक हमले में मौत हो गई थी।
इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने साफ कहा है कि उनकी सेना ईरानी नेतृत्व के एक-एक व्यक्ति को ढूंढकर निशाना बनाएगी। उन्होंने कहा कि इजरायल नागरिकों पर हमला करने वालों को बख्शेगा नहीं और इस तरह के ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे। इजरायल के सैन्य नेतृत्व ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ईरान के आर्थिक ढांचे और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने के लिए बड़े हमले किए जा सकते हैं।
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लगातार हो रहे इन हमलों से साफ है कि यह संघर्ष अब और गहराता जा रहा है। एक तरफ इजरायल ईरान के सैन्य ढांचे को निशाना बना रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान भी जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है।