जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में पन्ना जिले में एक स्कूल के संचालन पर सवाल उठाए गए हैं। मामले में आरोप है कि एमएलबी मेमोरियल स्कूल के पास सिर्फ 8वीं क्लास तक की मान्यता है, लेकिन उसके द्वारा 12वीं क्लास तक एडमिशन देकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सरकार को इस मामले पर पक्ष रखने कहा है। अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।
पन्ना जिले की पवई तहसील के ग्राम बनौली में रहने वाले रमाकांत दुबे की ओर से दायर इस जनहित याचिका में कहा गया है कि महारानी लक्ष्मीबाई मेमोरियल स्कूल के पास केवल 8वीं क्लास तक की मान्यता है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा धड़ल्ले से कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं संचालित कर रहा है। इससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। आरोप यह भी है कि स्कूल में न तो उच्च कक्षाओं के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके बावजूद अभिभावकों को गुमराह कर बच्चों का प्रवेश लिया जा रहा, जो अवैधानिक है।
इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दायर की गई। मामले पर सोमवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रामभजन लोधी ने दलीलें रखीं। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने शासन की ओर से हाजिर शासकीय अधिवक्ता डॉ. एसएस चौहान को निर्देश लेकर पक्ष रखने कहा।