भोपाल। माखन नगर में माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती के अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने अपने खास अंदाज और चुटीले व्यंग्य से श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। उनकी कविताओं और बातों में जहां हास्य था, वहीं गहरी बात भी छिपी थी। उन्होंने सरल शब्दों में जिंदगी और आस्था पर ऐसी बातें कहीं, जिसने लोगों को हंसने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे सुरेंद्र शर्मा ने अपने प्रसिद्ध अंदाज में श्रोताओं को खूब हंसाया। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि हम सब लोग ईश्वर से चाहते हैं, ईश्वर को नहीं चाहते। इस एक लाइन ने पूरे माहौल को तालियों और ठहाकों से भर दिया। इसके साथ ही उन्होंने धर्म और आस्था को लेकर भी चुटीले अंदाज में सवाल उठाए, जो सीधे दिल तक पहुंचे।
सुरेंद्र शर्मा ने अपने व्यंग्य में एक और दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा कि अगर ईश्वर यह कह दे कि मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर या गुरुद्वारे आने वालों को वह अपने पास बुला लेगा, तो लोग क्या करेंगे? इस सवाल ने लोगों को मुस्कुराने के साथ-साथ अंदर तक सोचने पर मजबूर कर दिया।
इस कवि सम्मेलन में अन्य आमंत्रित कवियों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं। नीलोत्पल मृणाल, अंकिता सिंह, रमेश विश्वहार एवं दिनेश देसी सहित कई कवियों ने गीत, श्रृंगार और हास्य रस से माहौल को जीवंत बनाए रखा।
माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती को माखन नगर में गौरव दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और स्थानीय लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग मौजूद रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय विधायक विजयपाल सिंह राजपूत ने की। गौरव दिवस आयोजन समिति और नगर पंचायत माखन नगर ने मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया।

यह कवि सम्मेलन सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसमें साहित्य, विचार और समाज की झलक भी देखने को मिली।