
भोपाल।कांग्रेस IT सेल के तीन कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत लेने के मामले में राजनीति तेज हो गई है। इसमें मप्र, राजस्थान और दिल्ली तक के नेता शामिल हो गए हैं। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा के मुताबिक पुलिस कांग्रेस IT सेल के सात कार्यकर्ताओं को साथ ले गई थी। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया था, लेकिन बाद में तीन कार्यकर्ताओं को लगभग 30 घंटे से ज्यादा समय से हिरासत में रखा गया है।
सांसद विवेक तन्खा ने फेसबकु पर लिखा कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के तथाकथित ट्वीट, जिसे लाखों लोगों ने देखा और जो लाखों लोगों के बीच पब्लिक सर्कुलेशन में थी अप्रैल 15-16 से। उन्होंने लिखा कि 18 अप्रैल को शाम लगभग 8 बजे इसे फर्जी पत्र बताकर ट्वीट किया गया। इस कारण यह डिटेंशन उचित नहीं है।
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इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने एक पोस्ट में कहा कि 'मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के हमारे तीन कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से गिरफ्तार कर 24 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रखना न केवल निंदनीय है, बल्कि कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ भी है। लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाने का यह तरीका बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। हमारे जाबांज कार्यकर्ताओं के साथ किया गया यह व्यवहार स्पष्ट रूप से सत्ता के दुरुपयोग को दर्शाता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बारे में कहा कि पत्र को सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज की गई है। पटवारी ने चुनौती देते हुए कहा कि कार्रवाई करनी है तो उन पर की जाए, कार्यकर्ताओं पर नहीं। वे और पूरी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है। न डरेंगे, न झुकेंगे। कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक के अनुसार तीनों कार्यकर्ताओं को पुलिस राजस्थान लेकर जाएगी।
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