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अरे! इतना महंगा हैंडबैग ?6 करोड़ साल पुराने डायनासोर से तैयार, फैशन वर्ल्ड में मचा तहलका

डायनासोर से प्रेरित 5 करोड़ रुपये का अनोखा हैंडबैग चर्चा में है। लैब में तैयार कोलेजन से बना यह बैग बिना जानवरों को नुकसान पहुंचाए विकसित किया गया है। एम्स्टर्डम म्यूजियम में प्रदर्शित यह प्रोडक्ट फैशन और साइंस के मेल का अनोखा उदाहरण बन गया है।
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6 करोड़ साल पुराने डायनासोर से तैयार, फैशन वर्ल्ड में मचा तहलका
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    कल्पना कीजिए… करोड़ों साल पहले धरती पर राज करने वाला एक खतरनाक डायनासोर, और आज उसी से जुड़ी तकनीक से बना एक लग्जरी हैंडबैग ! यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन अब यह हकीकत बन चुका है। फैशन और विज्ञान के मेल ने ऐसा कमाल किया है कि दुनिया भर के लोग हैरान रह गए हैं। एक ऐसा हैंडबैग तैयार हुआ है, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है और जिसकी कहानी सीधे डायनासोर के दौर से जुड़ती है।

    T-Rex से जुड़ी कहानी, जिसने सबको चौंका दिया

    यह हैंडबैग दुनिया के सबसे खतरनाक माने जाने वाले डायनासोर टायरानोसॉरस रेक्स से प्रेरित है। करीब 6.6 करोड़ साल पहले खत्म हो चुके इस विशाल जीव का नाम आज फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कुछ अलग है। इस बैग को सिर्फ डिजाइन के तौर पर ही नहीं बल्कि एक सोच के साथ तैयार किया गया है। इसमें उस दौर की झलक देने की कोशिश की गई है, जब डायनासोर धरती पर राज करते थे। यही वजह है कि इसे देखने वाले लोग इसे सिर्फ एक बैग नहीं, बल्कि एक कहानी मान रहे हैं।

    लैब में बना ‘डायनासोर जैसा’ मटेरियल

    इस बैग की सबसे खास बात इसका मटेरियल है, जिसे लैब में तैयार किया गया है। वैज्ञानिकों ने ऐसा कोलेजन विकसित किया है, जिसका संबंध डायनासोर के जीवाश्मों से जोड़ा जाता है। यह सुनने में जितना अजीब लगता है, उतना ही दिलचस्प भी है। असल में इस तकनीक का मकसद ऐसा लेदर बनाना है, जो असली जैसा दिखे और महसूस हो, लेकिन इसके लिए किसी भी जानवर को नुकसान न पहुंचाना पड़े। यानी यह बैग सिर्फ लग्जरी नहीं बल्कि एक नई सोच और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।

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    5 करोड़ की कीमत, लेकिन वजह भी उतनी ही खास

    इस अनोखे हैंडबैग की कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कीमत सिर्फ इसके ब्रांड या डिजाइन की वजह से नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपी तकनीक और मेहनत भी इसकी कीमत को खास बनाती है। जब किसी प्रोडक्ट में विज्ञान, रिसर्च और एक्सक्लूसिव डिजाइन का मेल होता है, तो उसकी कीमत भी उसी हिसाब से तय होती है। यही वजह है कि यह बैग आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि खास कलेक्शन का हिस्सा माना जा रहा है।

    एम्स्टर्डम में खास अंदाज में पेश किया गया बैग

    इस हैंडबैग को नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम में आर्ट जू म्यूजियम में रखा गया है। इसे जिस तरह से प्रदर्शित किया गया है, वह भी काफी अनोखा है। बैग को एक चट्टान पर रखा गया है, पिंजरे के अंदर सजाया गया है और उसके ऊपर T-Rex का मॉडल लगाया गया है। यह पूरा सेटअप ऐसा लगता है जैसे पुरानी दुनिया और नई तकनीक एक साथ सामने आ गई हो। इसे देखने वाले लोग सिर्फ बैग नहीं, बल्कि एक अनुभव लेकर लौटते हैं।

    11 मई तक मिलेगा देखने का मौका

    इस अनोखे हैंडबैग को लोग 11 मई तक म्यूजियम में देख सकते हैं। इसके बाद इसे नीलामी के लिए रखा जाएगा। माना जा रहा है कि नीलामी में इसकी कीमत और भी ज्यादा हो सकती है, क्योंकि यह एक यूनिक और बेहद खास प्रोडक्ट है।

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    Enfin Leve ब्रांड का शानदार काम

    इस खास बैग को डिजाइन किया है मशहूर फैशन ब्रांड Enfin Leve ने। इसमें स्टर्लिंग सिल्वर और ब्लैक डायमंड जैसे प्रीमियम एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। यानी यह बैग सिर्फ एक एक्सेसरी नहीं, बल्कि एक लग्जरी आर्ट पीस बन गया है।

    छोटा सैंपल भी बना महंगा प्रोडक्ट

    दिलचस्प बात यह है कि इसी तकनीक से तैयार एक छोटे सैंपल की कीमत भी लाखों रुपये में आंकी जा रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस टेक्नोलॉजी की वैल्यू कितनी ज्यादा है और भविष्य में इसका इस्तेमाल कितनी बड़ी चीजों में हो सकता है।

    वैज्ञानिकों के लिए भी बड़ी सफलता

    इस प्रोजेक्ट से जुड़े कंपनी के सीईओ थॉमस मिशेल ने भी माना कि इस तरह की सामग्री तैयार करना काफी जटिल और समय लेने वाला काम था। लेकिन उनकी टीम ने लगातार कोशिश करते हुए इस लक्ष्य को हासिल किया। यह Achievement सिर्फ फैशन इंडस्ट्री के लिए ही नहीं, बल्कि विज्ञान और पर्यावरण के POV से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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