इंदौर – बुधवार सुबह इंदौर के गीत भवन स्थित रिटायर जिला आबकारी अधिकारी के घर लोकायुक्त द्वारा छापा मारा गया उन्होंने तीन साल पहले इंदौर की पाँच सितारा होटल में एक पार्टी का दो लाख का बिल नहीं देने पर तत्कालीन कलेक्टर द्वारा उन्हे दूसरे विभाग में अटैच किया गया था।
बुधवार सुबह इंदौर में कैलाश कुंज, बिजनेस स्काई पार्क रिटायर आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के घर सहित ग्वालियर में इंद्रमणि नगर स्थित लोकयुक्त द्वारा छापा मारा गया। कार्रवाई के दौरान अब तक 70 लाख रुपए नकद, डेढ़ किलो सोने के बार, महंगी गाड़ियां बरामद की गई है। धर्मेंद्र सिंह भदौरिया अगस्त 2025 में रिटायरमेंट हुआ। इस दौरान उनकी वैध आय करीब दो करोड़ रुपए मानी जा रही है। इससे पहले 2020 में शराब ठेकों की नीलामी में लापरवाही के चलते उनको निलंबित किया गया था। नीलामी समय पर नहीं होने के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी।
हर किसी को मैनेज करने में माहिर’ माने जाते थे भदौरिया-
विभागीय सूत्रों का कहना है कि भदौरिया आबकारी विभाग में अपने प्रभाव और “मैनेजमेंट स्किल” के लिए जाने जाते थे। कई बार शिकायतें दर्ज होने के बावजूद ऊपरी दबाव के कारण कार्रवाई रुक जाती थी। लोकायुक्त को हाल ही में उनके बैंक खातों, चल-अचल संपत्ति और संदिग्ध लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारी मिली, जिसके बाद छापामार कार्रवाई की गई।
शराब ठेकेदारों से भी जुड़ रहे हैं तार -
लोकायुक्त सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि भदौरिया शराब कारोबारी ए.के. सिंह के बेहद करीबी रहे हैं। माना जा रहा है कि विभागीय तबादलों और नियुक्तियों में भी उनकी भूमिका प्रभावशाली रही है। टीम ने ठेकेदारों के साथ हुए संभावित लेन-देन की जांच शुरू कर दी है।लोकायुक्त के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल यह प्रारंभिक कार्रवाई है। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।