मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने अपनी भर्ती प्रक्रिया में अहम बदलाव करने की तैयारी कर ली है। नए नियमों के तहत अब उम्मीदवारों को साल भर में कई अलग-अलग परीक्षाएं देने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सिर्फ तीन मुख्य कैटेगरी की परीक्षाओं में शामिल होना पड़ेगा।
नई भर्ती व्यवस्था का प्रस्ताव मंडल के सीनियर सेक्रेटरी की कमेटी के सामने रखा गया, जिस पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट में भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही प्रदेश में नई भर्ती प्रणाली लागू कर दी जाएगी।
नए सिस्टम के लागू होने के बाद उम्मीदवारों को हर भर्ती के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने और बार-बार फीस जमा करने की परेशानी से राहत मिलेगी। एक तय पैटर्न के तहत परीक्षाएं आयोजित होंगी, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित हो जाएगी।
प्रस्ताव के अनुसार, मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल एक कैलेंडर वर्ष में सिर्फ तीन मुख्य कैटेगरी में परीक्षाएं आयोजित करेगा। इन्हीं परीक्षाओं के आधार पर अलग-अलग विभागों में भर्तियां की जाएंगी। इससे उम्मीदवारों को तैयारी का स्पष्ट रोडमैप मिलेगा और बार-बार परीक्षा देने का दबाव कम होगा।
नई व्यवस्था में भर्ती को अलग-अलग भागों में बांटा गया है।
इस बदलाव के तहत लिपिकीय और स्टेनोग्राफर संवर्ग की भर्ती और प्रबंधन अब सामान्य प्रशासन विभाग के जिम्मे होगा। चयन के बाद उनकी पोस्टिंग और अलग-अलग विभागों में नियुक्ति की जिम्मेदारी भी जीएडी ही तय करेगा। इस कदम से इन पदों के प्रशासनिक प्रबंधन में एकरूपता आने की उम्मीद है और भर्ती प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी और सरल बन सकेगी।