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एपस्टीन की पौधों में भी दिलचस्पी :नर्सरी में धतूरे का पौधा लगाया, नशे में किया जाता है इस्तेमाल

तीसरा दस्तावेज सीधे एपस्टीन के साथ बातचीत नहीं है। यह गिलेरमो फारिनास नाम के व्यक्ति द्वारा जुआन एंटोनियो गोंजालेज को भेजा गया एक ईमेल बताया गया है, जिसकी कॉपी जोसेफ मंजारो को भी भेजी गई थी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ये लोग कौन हैं।
नर्सरी में धतूरे का पौधा लगाया, नशे में किया जाता है इस्तेमाल
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वॉशिंगटन डीसी। हाल ही में जारी हुए एपस्टीन फाइल्स के ईमेल्स में यौन अपराधी जेफ्री की जहरीले पौधों में दिलचस्पी को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इन ईमेल्स में खास तौर पर ‘ट्रम्पेट प्लांट्स’ यानी धतूरा का जिक्र मिलता है। ईमेल्स में ऐसे लेख फॉरवर्ड किए गए थे, जिनमें कोलंबिया में धतूरा के कथित इस्तेमाल का उल्लेख था।

    इन लेखों के मुताबिक, इसके प्रभाव में व्यक्ति अत्यधिक भ्रमित और आज्ञाकारी हो जाता है, यहां तक कि उसे कहीं भी “ले जाया” जा सकता है और बाद में उसे घटनाओं की स्पष्ट याद भी नहीं रहती। वहीं, भारतीय संस्कृति में धतूरा का एक बिल्कुल अलग धार्मिक और पौराणिक महत्व है। हिंदू परंपरा में धतूरा भगवान शिव से जुड़ा हुआ माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला, तब शिव ने संसार की रक्षा के लिए उसे पी लिया था। इसी कारण शिव को विष से जुड़े प्रतीकों से जोड़ा जाता है।

    फाइनेंसर का ऐसे पौधे में इंटरेस्ट जो दिमाग पर गहरा असर डालता

    ईमेल के स्क्रीनशॉट से यह भी सामने आया है कि Jeffrey Epstein के फाइनेंसर ने ऐसे जहरीले पौधों में रुचि दिखाई थी। धतूरा के पौधों से स्कोपोलामीन नाम का एक रसायन निकलता है, जो दिमाग पर गहरा असर डालता है। यह रसायन याददाश्त कमजोर कर सकता है और व्यक्ति को भ्रम की स्थिति में डाल देता है। इसी वजह से कुछ विशेषज्ञ इसे ‘जॉम्बी ब्रीथ’ भी कहते हैं।

    ईमेल्स में यह भी दावा किया गया था कि इस दवा का असर लोगों पर काफी तेज होता है और इसके प्रभाव में आए व्यक्ति को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। दस्तावेज़ों से संकेत मिलता है कि एपस्टीन धतूरा के पौधे के बारे में जानकारी जुटा रहा था, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उसने कभी इसका इस्तेमाल किया या नहीं।

    Twitter Post

    ईमेल में तीन बार सामने बड़ी बातें

    पहला ईमेल (3 मार्च 2014):

    जहरीले पौधे का पहला ईमेल सीधे एपस्टीन ने ‘एन रोड्रिगेज’ नाम के एक व्यक्ति को भेजा था। इसमें उन्होंने लिखा था कि नर्सरी में लगे उनके ट्रम्पेट पौधों के बारे में क्रिस से पूछो। इससे साफ पता मिलता है कि एपस्टीन की नर्सरी में ट्रम्पेट प्लांट यानी धतूरा के पौधे लगे हुए थे।

    दूसरा ईमेल (27 जनवरी 2015):

    बताया जाता है कि यह ईमेल फ्रांसीसी फैशन फोटोग्राफर एंटोनी वेरग्लास की ओर से आगे भेजा गया था। ईमेल्स में जिस “जॉम्बी फ्लावर” का जिक्र है, वह दरअसल ट्रम्पेट आकार वाले पौधे हैं। फॉरवर्ड किए गए एक मैसेज का शीर्षक था- “स्कोपोलामीन: कोलंबिया के जंगलों में उगने वाली एक शक्तिशाली दवा, जो इंसान की चेतना को खत्म कर देती है।”

    तीसरा ईमेल (7 फरवरी 2022):

    जबकि तीसरा दस्तावेज सीधे एपस्टीन के साथ बातचीत नहीं है। हालांकि यह गिलेरमो फारिनास नाम के व्यक्ति द्वारा जुआन एंटोनियो गोंजालेज को भेजा गया एक ईमेल बताया गया है, जिसकी कॉपी जोसेफ मंजारो को भी भेजी गई थी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ये लोग कौन हैं।

    इसमें मंजारो ने दिसंबर 2014 की एक कथित घटना का जिक्र किया है। उनका दावा है कि उन्हें स्कोपोलामीन नाम के नशीले पदार्थ के जरिए बेहोश किया गया। यह पदार्थ कुछ खास पौधों से बनता है, जिनमें ट्रम्पेट प्लांट यानी धतूरा भी शामिल है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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