इंदौर। शहर के द्वारकापुरी क्षेत्र में एमबीए छात्रा की निर्मम हत्या मामले में मंदसौर निवासी आरोपी पियुष धामनोदिया की हैवानियत ने जांच अधिकारियों तक को झकझोर दिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने सनसनीखेज कबूलनामा करते हुए बताया कि उसने प्रेमिका की हत्या करने के बाद भी शव के साथ दरिंदगी की। आरोपी की क्रूर मानसिकता सुनकर जांच कर रही महिला सब-इंस्पेक्टर तक भावुक होकर रो पड़ी।
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात से पहले आरोपी ने मेडिकल स्टोर से सेक्स पावर बढ़ाने की दवा खरीदी और युवती से मिलने जाने से पहले गोली भी खाई। जब वह क्लासमेट के कमरे पर पहुंचा, तब छात्रा की तबीयत खराब थी और उसने शारीरिक संबंध बनाने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी पीयूष छात्रा से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। हालांकि परिजनों ने बातचीत के लिए कॉल भी किया था। इसके बावजूद जनवरी में आरोपी ने कमरे पर ही युवती को मंगलसूत्र पहनाकर दीपक को साक्षी मानते हुए कथित शादी करने का दावा किया।
गिफ्ट के बहाने रची खौफनाक साजिश
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले भरोसा जीतने के लिए युवती को खास गिफ्ट देने का झांसा दिया। इसी बहाने उसने युवती की आंखों पर पट्टी बांधी और हाथ-पैर भी बांध दिए। युवती इसे मजाक समझती रही, लेकिन कुछ ही पलों में आरोपी का खौफनाक चेहरा सामने आ गया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने जबरन संबंध बनाए और फिर युवती के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद उसके सीने पर बैठकर बेरहमी से गला दबाया, जिससे युवती बेहोश हो गई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद भी जारी रही दरिंदगी, ढाई घंटे तक कमरे में करता रहा हैवानियत
मामले का सबसे भयावह पहलू यह सामने आया कि हत्या के बाद भी आरोपी कमरे से बाहर नहीं निकला। पुलिस के मुताबिक वह करीब ढाई घंटे तक कमरे में मौजूद रहा। इस दौरान उसने बीयर पी और मृत युवती के शव के साथ भी अमानवीय कृत्य करता रहा। आरोपी को पूरी तरह पता था कि युवती की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उसकी दरिंदगी रुकने का नाम नहीं ले रही थी।
“क्या करोगे जानकर…” — मीडिया के सवालों पर बेशर्मी भरा रवैया
गिरफ्तारी के बाद मीडिया के सवालों पर आरोपी का रवैया बेहद बेपरवाह और संवेदनहीन नजर आया। उसने बार-बार सवालों को टालते हुए कहा, “छोड़ दो, कुछ नहीं हुआ… जाने दो।” जब हत्या की वजह पूछी गई तो उसने ठंडे और लापरवाह अंदाज में जवाब दिया, “क्या करोगे जानकर… समय आएगा तो सब बता दूंगा।”
बार-बार पूछताछ के बावजूद आरोपी हत्या की असली वजह बताने से बचता रहा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसके चेहरे पर अपने जघन्य अपराध को लेकर जरा भी पछतावा दिखाई नहीं दिया। न उसने अपराध पर अफसोस जताया और न ही मृतका के प्रति कोई संवेदना दिखाई, जिससे उसकी क्रूर मानसिकता साफ झलकती रही।