अमेरिका में जारी हुई एपस्टीन फाइल्स ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। इन फाइलों में पहली बार सामने आया है कि कुख्यात अपराधी जेफ्री एपस्टीन की शिकार एक भारतीय लड़की भी हो सकती है। यह जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग की नई फाइलों से सामने आई है।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में एक ईमेल शामिल है। यह ईमेल 13 जनवरी 2020 का है, जिसमें अमेरिकी अधिकारियों के बीच पीड़ितों की मदद को लेकर बातचीत हो रही है।
ईमेल में बताया गया है कि एक पीड़ित भारतीय लड़की उस समय भारत में रह रही थी। वकील यह जानना चाहती थीं कि क्या अमेरिकी प्रशासन उसकी भी मदद कर सकता है और क्या उसे मानसिक इलाज (थेरेपी) की सुविधा मिल सकती है।

यह ईमेल लॉ फर्म EDWARDS POTTINGER LLC की वकील ब्रिटनी हेंडरसन ने भेजा था। उन्होंने लिखा कि कुछ पीड़ित लड़कियां थेरेपी लेना चाहती हैं और उन्होंने अमेरिका में रहने वाली पीड़िताओं के नाम भी साझा किए।

ईमेल का सब्जेक्ट था – Epstein Victims।

इसमें लिखा गया कि फ्लोरिडा और न्यूयॉर्क में पीड़ितों को थेरेपी सेशन दिए जा रहे हैं। अंत में भारतीय लड़की का ज़िक्र करते हुए कहा गया कि अगर उसका पता और संपर्क जानकारी मिल जाए, तो भारत स्थित अमेरिकी दूतावास से मदद के लिए संपर्क किया जा सकता है।

अमेरिकी अधिकारियों ने जवाब में कहा कि एपस्टीन की पीड़ित लड़कियों को मुआवज़ा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता दी जाएगी।
अमेरिका में यह मदद Office of Victim Services के ज़रिए दी जाती है। इसके अलावा इमरजेंसी विक्टिम सहायता कोष से भी इलाज और अन्य मदद मिलती है।
अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वह भारतीय लड़की कौन है। ईमेल में उसकी पहचान छिपाकर रखी गई है, जो अपराध मामलों में आम बात है। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
एपस्टीन फाइल्स में लाखों दस्तावेज, ईमेल, फ्लाइट लॉग, तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। ये सभी उनके यौन शोषण, मानव तस्करी और ताकतवर लोगों से संबंधों की जांच से जुड़े हैं।
2025 में अमेरिकी कांग्रेस ने एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने का कानून पास किया, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्ताक्षर किए।
दिसंबर 2025 में कुछ फाइलें जारी हुईं, लेकिन जनवरी 2026 में सबसे बड़ा खुलासा हुआ। इस दौरान करीब 35 लाख पेज, हजारों वीडियो और लाखों तस्वीरें सार्वजनिक की गईं।
अमेरिकी न्याय विभाग इन फाइलों को बहुत सावधानी से सार्वजनिक कर रहा है, ताकि पीड़ितों की पहचान और निजता सुरक्षित रहे।
एपस्टीन फाइल्स का यह नया खुलासा न सिर्फ अमेरिका बल्कि भारत के लिए भी चिंता का विषय है। अब सबकी नजर इस पर है कि भारतीय पीड़ित लड़की को कब और कैसे न्याय और मदद मिल पाती है।