मध्य प्रदेश के आसमान में फिर काले बादल मंडरा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में 15 जिलों में बारिश और तेज हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। यह अलर्ट नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के कारण जारी किया गया है। जिससे तापमान में गिरावट और बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के लगभग आधे जिलों में काले बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है। जिन जिलों में मौसम का असर ज्यादा रहेगा, उनमें ग्वालियर, टीकमगढ़, गुना, दतिया और मुरैना शामिल हैं। इन जिलों में अचानक मौसम बदलने के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। भोपाल और इंदौर में 17 फरवरी को दिन के समय हल्की गर्मी महसूस हो सकती है। हालांकि, मार्च के महीने में होली के बाद गर्मी का मौसम धीरे-धीरे शुरू हो जाएगा।
[instagram-reels link="https://www.instagram.com/reel/DU3k0KsCQCE/?igsh=YjFvNWMya3hjZHdr"]
इस साल फरवरी में यह तीसरी बार होगा जब प्रदेश में बारिश देखने को मिलेगी। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ओले और तेज बारिश हुई है। 18 फरवरी को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है।
बारिश के इस मौसम बदलाव के चलते सर्दी, जुकाम और खांसी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने चेताया है कि अचानक तापमान बदलने से इन बीमारियों का असर लोगों पर तेजी से दिख सकता है।
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, मौसम में बदलाव का मुख्य कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस या पश्चिमी विक्षोभ है। यह एक प्रकार की आंधी है, जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र में बनती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस गर्म और ठंडी हवाओं के मिलन से प्रभावित होती है, जिसके कारण तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने सभी से अपील की है कि मौसम की गंभीरता को समझें और बारिश या तूफान के दौरान सावधानी बरतें। आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर और अधिक जिलों में दिख सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।