भारत के उभरते युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इस साल क्लास-10 की बोर्ड परीक्षा नहीं देने का फैसला किया है। उन्होंने अपनी पढ़ाई से ज्यादा इस समय क्रिकेट करियर पर ध्यान देने को प्राथमिकता दी है। CBSE की क्लास-10 की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हुईं और ये 11 मार्च तक चलेंगी। लेकिन परीक्षा के पहले दिन वैभव अपने सेंटर पर पेपर देने नहीं पहुंचे। इसके कारण उन्हें उस विषय में अनुपस्थित दर्ज कर दिया गया।
स्कूल प्रशासन के अनुसार, वैभव ने परीक्षा का फॉर्म समय पर जमा किया था और उनका एडमिट कार्ड भी जारी हो चुका था। उनका परीक्षा केंद्र पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में बनाया गया था। स्कूल के प्रिंसिपल ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि की कि वैभव पहले दिन परीक्षा देने नहीं आए, इसलिए उन्हें एब्सेंट कर दिया गया है।
वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में से एक बन चुके हैं। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ नजर आता है। हाल ही में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। इस टूर्नामेंट में वैभव भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और पूरे टूर्नामेंट में दूसरे नंबर पर रहे।
उन्होंने सात पारियों में 62.71 के औसत और 169.50 के स्ट्राइक रेट से कुल 439 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए। उनकी बल्लेबाजी ने पूरे टूर्नामेंट में विरोधी टीमों पर दबाव बनाए रखा।
टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में वैभव ने ऐसी पारी खेली, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन बना डाले। इस तूफानी पारी में उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी की वजह से टीम को मजबूत स्थिति मिली और मैच का रुख भारत की तरफ झुक गया।
इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच और पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड दिया गया।
वैभव सूर्यवंशी अब आईपीएल 2026 में भी खेलने के लिए तैयार हैं। वह राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा होंगे, जिसकी कप्तानी रियान पराग कर रहे हैं। पिछले सीजन में भी उन्होंने अपने खेल से सबको प्रभावित किया था। उन्होंने सात मैचों में 252 रन बनाए थे। इस दौरान गुजरात टाइटन्स के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में शानदार शतक जड़ा था।
वैभव का परीक्षा छोड़ना एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। आमतौर पर खिलाड़ी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन वैभव ने इस समय क्रिकेट पर पूरा ध्यान लगाने का रास्ता चुना है। आने वाले महीनों में आईपीएल में उनका प्रदर्शन तय करेगा कि उनका यह फैसला कितना सफल साबित होता है।