‘भौंकने वाला हिरण’!खतरा महसूस होते ही निकालता है कुत्ते जैसी आवाज

बार्किंग डियर, जिसे ‘भौंकने वाला हिरण’ भी कहते हैं, भारतीय जंगलों का एक अनोखा और सतर्क प्राणी है। छोटा आकार होने के बावजूद यह नुकीले दांत और सींग से खुद को सुरक्षित रखता है और कभी-कभी शिकार भी करता है।
खतरा महसूस होते ही निकालता है कुत्ते जैसी आवाज
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    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जंगलों या पहाड़ी इलाकों में अगर अचानक कुत्ते जैसी भौंकने की आवाज सुनाई दे, तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन यह कोई साधारण आवाज नहीं होती। यह बार्किंग डियर या ‘भौंकने वाला हिरण’ हो सकता है। नाम सुनकर यह प्यारा लग सकता है, लेकिन यह छोटा शिकारी है और भारतीय जंगलों का एक खास हिस्सा है।

    बार्किंग डियर का परिचय

    बार्किंग डियर छोटा लेकिन सतर्क जानवर है। इसका वजन लगभग 22-23 किलो और लंबाई 20-30 इंच होती है। नर बार्किंग डियर के सींग छोटे होते हैं, आमतौर पर 5 इंच से ज्यादा नहीं। सींगों के साथ नर के ऊपरी जबड़े में नुकीले दांत होते हैं, जो शिकार पकड़ने, दुश्मनों से लड़ने और भोजन निगलने में मदद करते हैं।

    सर्वाहारी और रोचक भोजन की आदतें

    बार्किंग डियर सर्वाहारी होते हैं। यह घास, पत्तियां, फूल की कलियां, फल, बीज और टहनियों के अलावा छोटे जीव, पक्षियों के अंडे और कभी-कभी मृत जानवरों का मांस भी खाते हैं। इसका मतलब यह है कि ये छोटे आकार के बावजूद बहुत चालाक शिकारी हैं।

    भौंकने की खासियत

    बार्किंग डियर खतरा महसूस होते ही कुत्ते की तरह जोर-जोर से भौंकने लगता है। कभी-कभी यह भौंकना एक घंटे तक भी चल सकता है। पहले लोग सोचते थे कि यह सिर्फ प्रजनन के मौसम में संवाद या चेतावनी के लिए होता है, लेकिन अध्ययनों से पता चला है कि यह शिकारी को बताने का तरीका है कि ‘मुझे देख लिया गया’। इसके बाद शिकारी या तो भाग जाता है या छिपने में असफल रहता है।

    दिन और रात दोनों समय सक्रिय

    बार्किंग डियर दिन और रात दोनों समय सक्रिय रहते हैं। यह छोटे आकार के बावजूद अपने क्षेत्र को लेकर बेहद सतर्क और उग्र होते हैं। नर अपने सींग और नुकीले दांत का इस्तेमाल किसी भी खतरे या अन्य मर्दों से लड़ने में करते हैं।

    रहन-सहन और पर्यावरण

    बार्किंग डियर जंगल, घास के मैदान, झाड़ियों और हिमालय की ढलानों पर पाए जाते हैं। ये पानी के स्रोत से ज्यादा दूर नहीं जाते। अक्सर यह अकेले, जोड़े में या छोटे परिवार के समूह में रहते हैं। कम दृश्यता वाले इलाकों में इनकी भौंकना ज्यादा सुनाई देता है।

    भारत में कहां पाए जाते हैं?

    गुजरात के जंगलों में बार्किंग डियर आसानी से देखे जा सकते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत में भी यह प्राणी मिलते हैं। यह छोटा आकार होने के बावजूद जंगल में अपने नुकीले दांत और सींग से खुद को सुरक्षित रखता है और शिकारियों से लड़ने में सक्षम होता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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