हिन्दू मान्यताओं में माना जाता है कि घर की ऊर्जा, धन और सुख-समृद्धि रोज़मर्रा की आदतों से जुड़ी होती है। शास्त्रों और लोक विश्वासों के अनुसार, कुछ चीज़ों को खाली रखना नकारात्मकता और आर्थिक रुकावट ला सकता है। इसलिए घर, पूजा स्थल और निजी उपयोग की कुछ वस्तुओं को हमेशा भरा हुआ रखना शुभ माना गया है।
घर का अन्न भंडार केवल भोजन रखने की जगह नहीं, बल्कि समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हिन्दू धर्म में अन्न को ब्रह्म कहा गया है। मान्यता है कि खाली अन्न भंडार घर में कमी और अभाव का संकेत देता है। कोशिश करें कि डिब्बे में थोड़ा ही सही, लेकिन अनाज जरूर रहे। नया अनाज लाते समय पुराना पूरा खत्म न करें।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी ऊर्जा का वाहक होता है। बाथरूम में रखी खाली बाल्टी नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती है। अगर बाल्टी का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तो उसमें साफ पानी भरकर रखें। टूटी या गंदी बाल्टी को तुरंत हटा देना बेहतर माना जाता है।
पूजा स्थल में रखा जलपात्र श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक होता है। मान्यता है कि देवताओं के लिए रखा गया जल कभी खाली नहीं होना चाहिए। पूजा के बाद उसमें साफ पानी भर दें। चाहें तो थोड़ा गंगाजल या तुलसी पत्ता भी डाल सकते हैं। इससे पूजा घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
खाली तिजोरी को आर्थिक अस्थिरता का संकेत माना जाता है। तिजोरी में कुछ न कुछ जरूर रखें, जैसे नकद राशि, सिक्के, गहने या जरूरी कागजात। कई लोग इसमें कौड़ी, शंख या गोमती चक्र भी रखते हैं, जिसे धन के प्रवाह का प्रतीक माना जाता है।
पर्स को व्यक्ति की आर्थिक सोच और आदतों से जोड़ा जाता है। खाली पर्स खर्च और धन की कमी का संकेत माना जाता है। पर्स में कम से कम एक नोट या सिक्का जरूर रखें। पुराने बिल, फटे कागज और बेकार चीज़ें समय-समय पर निकालते रहें।