फर्जी IPS...वर्दी का रौब, प्यार का जाल और 19 लाख का लोन लेकर फरार, इंदौर में पकड़ाया हाईटेक ठग

करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा देने वाले हाईटेक ठग को पुलिस ने इंदौर से गिरफ्तार किया है। इसने फर्जी IPS बनकर शादी रचाई और 19 लाख रुपए का लोन लेकर रफूचक्कर हो गया था। इसे इंदौर से दबोच लिया गया।
वर्दी का रौब, प्यार का जाल और 19 लाख का लोन लेकर फरार, इंदौर में पकड़ाया हाईटेक ठग
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    डिजिटल डेस्क। राजस्थान साइबर पुलिस के हत्थे एक ऐसा शातिर ठग चढ़ा है जिसने डेढ़ साल से पुलिस की नींद हराम कर रखी थी। खुद को IPS अधिकारी बताकर न सिर्फ रौब जमाया, बल्कि एक महिला की जिंदगी और भरोसे से भी खेल गया। डेढ़ साल तक पुलिस को चकमा देने वाला 10 हजार का इनामी अपराधी अक्षत राज कोठारी आखिरकार इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया।

    बड़े दावा से रचा प्रेम जाल

    आरोपी अक्षत राज कोठारी सोशल मीडिया पर खुद को हाई-प्रोफाइल IPS अफसर बताकर पेश करता था। फर्जी वर्दी, अफसराना अंदाज़ और बड़े-बड़े दावे—इन्हीं हथकंडों से उसने एक महिला को प्रेम जाल में फंसाया। भरोसा जीतने के बाद उसने शादी की और फिर इस रिश्ते को ठगी का हथियार बना लिया।

    शादी के बाद 19 लाख का खेल

    शादी के कुछ समय बाद आरोपी ने पत्नी के नाम पर बैंक से करीब 19 लाख रुपए का लोन पास कराया। जैसे ही रकम हाथ लगी, वह महिला को छोड़कर फरार हो गया। जब सच्चाई सामने आई, तब तक ठग अपना काम कर चुका था और महिला कर्ज के बोझ तले दब चुकी थी।

    पहचान बदल-बदलकर देता रहा पुलिस को चकमा

    साल 2024 से फरार यह शातिर अपराधी लगातार शहर और पहचान बदलता रहा। कभी नाम बदला, कभी मोबाइल नंबर और कभी ठिकाना। राजस्थान पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था, लेकिन वह हर बार बच निकलता रहा। बांसवाड़ा साइबर थाना प्रभारी को एक अहम सूचना मिली। आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियों और डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक कर उसकी लोकेशन इंदौर में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाया और दबिश देकर अक्षत को इंदौर के राजेंद्रनगर क्षेत्र से धर दबोचा। वह यहां ट्रांसपोर्टर का काम कर रहा था।

    पेट्रोल पंप खुलवाने को दिया था झांसा

    अक्षत राज कोठारी ने एक व्यापारी को भी ठगा था। आठ साल पहले उसने एक व्यापारी को पेट्रोल पंप दिलाने की बात कही थी। इसके लिए उसने अक्षत को करीब 2 लाख रुपए नगद और 9 लाख रुपए की कार दे दी। अक्षत ने व्यापारी को कहा कि वह बहुत जल्दी उसे पेट्रोल पंप स्वीकृत करा देगा। जब पेट्रोल पंप नहीं खुला तो उसके बाद व्यापारी ने थाने में मामला दर्ज करवाया।

    अब खुलेंगे ठगी के और राज

    पुलिस को शक है कि आरोपी ने IPS बनकर सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई महिलाओं और लोगों को शिकार बनाया है। मेडिकल जांच के बाद उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड मांगी जाएगी, ताकि इस हाईटेक ठगी नेटवर्क के अन्य राज सामने आ सकें। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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