स्पोर्ट्स डेस्क। इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर ने 14 साल के भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की खुलकर तारीफ की है। बटलर का कहना है कि उन्होंने अपने पूरे करियर में इतनी कम उम्र में इतना बेहतरीन खेल दिखाने वाला खिलाड़ी शायद ही देखा हो। वैभव की प्रतिभा ने उन्हें खास तौर पर प्रभावित किया है।
लव फॉर क्रिकेट पॉडकास्ट में बोले बटलर
जोस बटलर ने यह बयान लव फॉर क्रिकेट पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि 14 साल की उम्र में जिस आत्मविश्वास और तकनीक के साथ वैभव बल्लेबाजी कर रहा है, वह वाकई हैरान करने वाला है। इस पॉडकास्ट में बटलर के साथ मार्क वुड भी मौजूद थे। बटलर के मुताबिक, इतनी कम उम्र में इस स्तर का खेल बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होंने बल्लेबाजी का एक नया परिचय दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर वैभव अभी इतना शानदार प्रदर्शन कर रहा है, तो यह सोचना रोमांचक है कि 16, 18 या 20 साल की उम्र तक वह कितना आगे निकल जाएगा। बटलर ने माना कि वैभव सूर्यवंशी में भविष्य का बड़ा सितारा बनने की पूरी क्षमता है और आने वाले सालों में वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ी पहचान बना सकता है।
वुड के सवाल पर बटलर ने ये कहा
इसके जवाब में जोस बटलर ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी के टैलेंट पर किसी तरह का कोई संदेह नहीं है। 14 साल की उम्र में इस तरह की ऊंचाइयों तक पहुंचना काबिल-ए-तारीफ है। बटलर का कहना है कि वैभव ने IPL में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बनकर अपने हुनर को साबित भी कर दिया है। और अब वो जूनियर लेवल पर भी अपनी बेमिसाल बल्लेबाजी कर रहे हैं।
बटलर ने आगे कहा, “मुझे बिल्कुल शक नहीं है कि वह आगे चलकर बड़े स्टार बनेंगे, और ऐसा क्यों न हो। जिस तरह वह 14 साल की उम्र में खेल रहे हैं, वह असाधारण है। अगर उन्होंने आईपीएल न खेला होता, तो कोई कह सकता था कि यह प्रदर्शन सिर्फ अंडर-19 वर्ल्ड कप तक सीमित है।”
इंग्लैंड के खिलाफ खेली थी 175 रनों की पारी
भारतीय अंडर-19 टीम के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 6 फरवरी को क्रिकेट इतिहास में एक नया वर्ल्ड-रिकॉर्ड बनाया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ वैभव ने अद्भुत बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। वैभव ने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के जड़े। उनकी यह पारी न सिर्फ फाइनल जैसे दबाव भरे मुकाबले में आई, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज हो गई। यह आईसीसी के किसी भी टूर्नामेंट के फाइनल चाहे वह पुरुष हो, महिला हो या किसी भी आयु वर्ग का में अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।
फाइनल जैसे हाई-प्रेशर मैच में वैभव की आक्रामक और आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। इस ऐतिहासिक पारी के दम पर भारत ने खिताब अपने नाम किया और वैभव सूर्यवंशी ने खुद को भारतीय क्रिकेट के सबसे चमकते युवा सितारों में शामिल कर लिया।











