इंदौर क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन F.A.C.E.’ के तहत एक ऐसे शातिर खेल का भंडाफोड़ किया है, जिसने टेलीकॉम सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने बैतूल निवासी विपिन मगरदे को गिरफ्तार किया है, जिसने महज बोनस कमाने के लालच में अपने ही चेहरे का इस्तेमाल कर करीब 84 फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कर डाले।
सभी सिम में एक ही फोटो का इस्तेमाल
क्राइम ब्रांच एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने VI, Airtel और BSNL जैसी बड़ी कंपनियों के सिम कार्ड फर्जी तरीके से चालू किए। हैरानी की बात यह रही कि लगभग हर सिम में एक ही फोटो का इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरा फर्जी नेटवर्क खड़ा किया गया। आरोपी टारगेट पूरा होने के बाद इन सिम कार्ड्स को तुरंत डिएक्टिवेट कर देता था, ताकि कोई सुराग न मिले।
बोनस के लालच में यह पूरा खेल
पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह टेलीकॉम कंपनियों के टारगेट और बोनस के लालच में यह पूरा खेल खेल रहा था। इसके लिए उसने अज्ञात लोगों के आधार कार्ड का उपयोग किया और POS एजेंट के तौर पर अपनी बहन व दोस्त के नाम का फर्जी इस्तेमाल किया, जिन्हें इस साजिश की भनक तक नहीं थी।
फर्जी सिम कार्ड बड़े साइबर अपराधों में इस्तेमाल
राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चलाए जा रहे इस ऑपरेशन में इंदौर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए तीन संदिग्ध “फेस प्रोफाइल” चिन्हित किए थे, जिनमें से पहले आरोपी को पकड़ लिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, क्योंकि ऐसे फर्जी सिम कार्ड बड़े साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने की आशंका है।