ईरान के नातांज क्षेत्र में भूकंप के झटके, परमाणु केंद्र वाले इलाकों में कांपी धरती; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

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ईरान के नातांज क्षेत्र में भूकंप के झटके, परमाणु केंद्र वाले इलाकों में कांपी धरती; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
ईरान के नातांज क्षेत्र में रविवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में हलचल मच गई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। भूकंप के झटके आसपास के कई शहरों में भी महसूस किए गए, लेकिन अब तक किसी बड़ी क्षति या हताहत की सूचना नहीं मिली है।

परमाणु केंद्र वाले इलाकों में बढ़ी सुरक्षा चिंताएं

नातांज ईरान का एक महत्वपूर्ण परमाणु केंद्र है, जहां संवेदनशील परमाणु कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। भूकंप के कारण सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और परमाणु स्थलों की जांच की जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों ने आश्वासन दिया है कि भूकंप से परमाणु प्रतिष्ठानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

आपातकालीन सेवाएं अलर्ट पर

ईरान के आपातकालीन सेवा विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। सरकारी एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और एहतियात के तौर पर सुरक्षा उपायों को कड़ा किया गया है।

ईरान में भूकंप की लगातार घटनाएं

ईरान भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है और यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इससे पहले भी कई बार मजबूत भूकंपों ने देश में भारी तबाही मचाई है। इस बार नातांज जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भूकंप आने से सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

क्या होता है रिक्टर स्केल?

भूकंप की तीव्रता नापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है। रिक्टर स्केल मूल रूप से भूकंप की तीव्रता को मापने के लिए डिजाइन किया गया था। इसकी खोज अमेरिकी वैज्ञानिक चार्ल्सा रिक्टेर और बेनो गुटरबर्ग ने 1935 में की थी। उनका सोचना था कि, भूकंप की तीव्रता को एक संख्या में व्यक्त किया जाना चाहिए ताकि इसकी तुलना अन्य भूकंपों से की जा सके।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

• 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है। • वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है। • 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो। • 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं। • 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है। • 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। • 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है। • 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी। • 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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