असम :कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दिया, CM हिमंता बोले अभी उनसे संपर्क में नहीं है

गुवाहाटी। असम की राजनीति में चुनाव से सियासी उठापटक तेज हो गई है, इस बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, जिससे चुनाव से ठीक पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। बोरदोलोई ने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खरगे को भेजा है।
विधानसभा चुनाव से 20 दिन पहले आया इस्तीफा
उन्होंने पत्र में लिखा कि “अत्यंत दुख के साथ” वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव होने में महज 20 दिन का समय बचा है।
यह भी पढ़ें: TMC Candidate List 2026 : टीएमसी के 291 उम्मीदवार तय, ममता बनर्जी भवानीपुर से लड़ेंगी चुनाव
इधर, बोरदोलोई के बेटे को पार्टी ने टिकट दिया
पूर्व कैबिनेट मंत्री और नगांव से दो बार सांसद रह चुके बोरदोलोई का यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उनके बेटे को आगामी चुनाव में मार्घेरिटा सीट से कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले उनका इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इसके राजनीतिक असर पर नजरें टिकी हैं।
बंगाल में टिकट बंटवारे पर खींचतान
पूर्वोत्तर से लेकर पूर्वी भारत तक चुनावी हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां असम में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में टिकट बंटवारे को लेकर सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। वहीं बोरदोलोई के इस्तीफे को लेकर असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि फिलहाल वह प्रद्युत बोरदोलोई के संपर्क में नहीं हैं। हालांकि सीएम ने संकेत दिए कि भविष्य में उनसे संपर्क संभव है, उनके इस बयान पर एक बार राजनीति में हलचल मचा दी है।
शौकत मोल्ला के समर्थकों ने जलाए टायर
वहीं पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में शौकत मोल्ला को कैनिंग पूर्व सीट से टिकट नहीं मिलने पर उनके समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। तृणमुल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाए और जमकर नारेबाजी की, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। इसी बीच ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 294 में से 291 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।
TMC ने 74 विधायकों के टिकट काटे, 15 की सीटें बदली
पार्टी ने करीब 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं, जो कुल संख्या का लगभग एक-तिहाई है। इसके अलावा 15 विधायकों की सीटें भी बदली गई हैं। बाकी 3 सीटें सहयोगी दल को दी गई हैं। टिकट कटने और बदलाव के इस बड़े फैसले से पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति बनती दिख रही है, जिसका असर चुनावी माहौल पर पड़ सकता है। दूसरी तरफ, असम में बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद सियासी समीकरण बदलने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
सेलिब्रिटी चेहरों से दूरी, सिर्फ 2 को मिला टिकट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर (TMC) की रणनीति इस बार पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने उम्मीदवार चयन में बड़े बदलाव करते हुए सेलिब्रिटी चेहरों से दूरी बनाई है और जमीनी नेताओं पर ज्यादा भरोसा जताया है। इससे पहले जहां 2021 के चुनाव में जहां पार्टी ने करीब 15 सेलिब्रिटी उम्मीदवारों को टिकट दिया था।
वहीं इस बार केवल 2 सेलिब्रिटी चेहरों को मौका मिला है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी अब लोकप्रियता के बजाय संगठन और जमीनी पकड़ को प्राथमिकता दे रही है।











