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रक्तदान पर VIP दर्शन : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मॉडल मप्र के बड़े मंदिरों में भी हो सकता है लागू

खंडवा जिले स्थित ओंकारेश्वर ज्यातिर्लिंग की तरह मप्र के अन्य बड़े मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था की जा सकती है। ओंकारेश्वर में स्वैच्छिक रक्तदान करने पर वीआईपी दर्शन की सुविधा दी जाती है। फरवरी 2026 से शुरू हुई इस व्यवस्था से वहां रक्तदान बढ़ गया है।
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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मॉडल मप्र के बड़े मंदिरों में भी हो सकता है लागू

भोपाल। विश्व रक्तदाता दिवस पर खंडवा का ओंकारेश्वर मॉडल मध्य प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान बढ़ाने की नई उम्मीद बनकर उभरा है। मंदिर में लोगों को रक्तदान के बाद वीआईपी दर्शन की सुविधा देने की पहल का असर खंडवा के जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में दिखने लगा है। 24 फरवरी से यह सेवा शुरू होने के बाद यहां रक्त संग्रह 15-20 यूनिट से बढ़कर 200 यूनिट से अधिक तक पहुंच गया है। प्रदेश में वर्ष 2025-26 के दौरान एकत्रित 8.36 लाख यूनिट रक्त में स्वैच्छिक रक्तदान की हिस्सेदारी करीब 57 प्रतिशत रही है। स्वास्थ्य विभाग अब उज्जैन सहित प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक संस्थानों में भी खंडवा मॉडल लागू करने की तैयारी कर रहा है।

रक्तदाताओं को कतार में मिलेगी विशेष सुविधा 

स्वास्थ्य विभाग रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए मंदिरों तक सीमित नहीं रहना चाहता। विभाग अब बैंकों, सरकारी संस्थानों और अन्य सार्वजनिक सेवा केंद्रों से भी चर्चा कर रहा है कि नियमित रक्तदाताओं को भीड़भाड़ वाली जगहों पर प्राथमिकता दी जाए। रक्तदाता पहचान पत्र या प्रमाण रखने वालों को कतारों में विशेष सुविधा मिले।

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मंदिर के पास ही काउंटर, पहले करना होगा रक्तदान

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के पास ही जिला अस्पताल द्वारा एक विशेष ब्लड डोनेशन काउंटर तैयार किया गया है। इच्छुक दर्शनार्थियों को, जो भीड-भाड़ से बचना चाहते हैं और वीआईपी दर्शन करना चाहते हैं उन्हें पहले रक्तदान करना होगा।

तिरुपति बालाजी मंदिर में भी सुविधा

तिरुपति तिरुमला देवस्थानम द्वारा संचालित ‘अश्विनी अस्पताल’ में यह सुविधा लंबे समय से उपलब्ध है । मंदिर के ब्लड बैंक में रक्तदान करने पर 300 का स्पेशल एंट्री दर्शन  टिकट, एक लडडू प्रसाद और प्रशंसा प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसके लिए रक्तदाता की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच और वजन 50 किलो से अधिक होना चाहिए।

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अन्य जिलों में लागू करेंगे

खंडवा जिले का यह नवाचार अब एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और अब इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

सलोनी सिडाना,  एमडी, एनएचएम

मध्य प्रदेश में रक्तदान की तस्वीर

  • 190  प्रदेश में कुल ब्लड सेंटर
  • 69 शासकीय ब्लड बैंक
  • 8 रेड क्रॉस के सेंटर
  • 113 निजी, चैरिटेबल एवं अस्पतालों के ब्लड बैंक
  • 8,36,638 यूनिट-वर्ष 2025-26 में कुल रक्त संग्रह
  • 4,73,370 यूनिट-स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त
  • 1,63,972 यूनिट-गर्भवती महिलाओं को जारी रक्त
  • 17,418 यूनिट- सिकल सेल मरीजों को उपलब्ध कराया गया रक्त
  • 47,461 यूनिट-थैलेसीमिया मरीजों को जारी किया गया रक्त
Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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