गर्मी के साथ बढ़ते डॉग बाइट के मामलों ने ग्वालियर में चिंता बढ़ा दी है। अगर समय रहते नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। तो वहीं पशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल गोयल का कहना है कि- गर्मी में कुत्तों के स्वभाव में बदलाव हो जाता है, इसी के साथ जेएएच अस्पताल के वैक्सीनेशन प्रभारी अशोक आर्य का कहना है कि- अन्य मौसम की तुलना में इन दिनों डॉग बाइट के केस अधिक आ रहे हैं, पीड़ितों में बच्चे एवं बुजुर्ग अधिक हैं। इसके साथ ही पालतू कुत्तों की तुलना में आवारा कुत्तों के काटने के केस ज्यादा सामने आ रहे हैं।
जेएएच और जिला अस्पताल मुरार में मार्च के 29 दिनों में 3 हजार 545 लोग डॉग बाइट के शिकार लोग इलाज के लिए पहुंचे, फरवरी में यह आंकड़ा 2465 था, जिससे साफ है कि मामलों में तेजी आई है। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्गों शामिल हैं। लगातार बढ़ते मामलों ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

डॉक्टरों के अनुसार गर्मी के मौसम में कुत्तों का व्यवहार अधिक आक्रामक हो जाता है। शरीर का तापमान बढ़ने से वे जल्दी चिड़चिड़े हो जाते हैं और छोटी-छोटी बातों पर हमला कर देते हैं। सुबह और शाम के समय कुत्तों के झुंड ज्यादा सक्रिय रहते हैं और राहगीरों, बच्चों, दोपहिया चालकों को निशाना बनाते हैं। प्यास, भूख और प्रजनन काल के कारण भी कुत्तों में आक्रामकता बढ़ती है, जिससे डॉग बाइट के मामले बढ़ जाते हैं।
ये भी पढ़ें: सऊदी अरब के एयरबेस पर ईरान का बड़ा हमला : अमेरिकी AWACS एयरक्राफ्ट तबाह, अरबों डॉलर का नुकसान
पीड़ितों का आरोप है कि नगर निगम आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। नसबंदी और टीकाकरण अभियान भी धीमी गति से चल रहे हैं। शहर के कई इलाकों में डॉग्स के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे आमजन में डर का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।