पीपुल्स संवाददाता, भोपाल
प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही लंबे समय से लंबित समस्याओं पर काम शुरू हो जाएगा, जिससे छात्रों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में पीपुल्स समाचार ने 10 मार्च 2026 को हॉस्टलों की खराब स्थिति को लेकर प्रमुखता से खबर दिखाई थी पीडब्ल्यूडी ने बीयू को मरम्मत कार्यों के लिए बजट प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें खिड़की-दरवाजे, सीवेज, पानी की लाइन और बिजली सुधार शामिल हैं। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा और कैंपस की तस्वीर बदलने की तैयारी है। हाल ही में सामने आई अव्यवस्थाओं के बाद कुलगुरु ने निरीक्षण कराया था, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया। पहले 4 करोड़ 80 लाख का प्रस्ताव आया था, जिसमें से आधी राशि पहले ही जमा की जा चुकी है और कुछ काम भी हो चुका है।

बैठक में डेढ़ दर्जन विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभागों की समस्याएं रखीं। सबसे ज्यादा शिकायतें सीवेज और बिजली मेंटेनेंस को लेकर सामने आईं। छतों पर आवाजाही रोकने के लिए लोहे के दरवाजे लगाने का भी निर्णय लिया गया। कॉमर्स विभाग में महिला टॉयलेट का अभाव है, वहीं कई विभागों में शौचालय जर्जर स्थिति में हैं। छात्रावासों में सीवेज लाइन टूटी हुई है, वॉटर कूलर की कमी है और बिजली व्यवस्था भी खराब है। कई जगह फ्लोर टूटे हैं और दीवारों पर पेंट नहीं हुआ है।
पीडब्ल्यूडी ने साफ कर दिया है कि बाकी बजट जारी होते ही काम फिर से शुरू किया जाएगा। पहले बजट न होने से मरम्मत कार्य रोक दिया गया था। अब दोबारा निरीक्षण कर जरूरत के अनुसार आगे का इस्टिमेट भी बनाया जाएगा। बीयू रजिस्ट्रार प्रो. समर बहादुर सिंह का कहना है कि मरम्मत कार्य के लिए बजट की मांग की है। इसका परीक्षण किया जा रहा है। बीयू की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।